बंगाल: सिदुली कोलियरी खदान में तेज धमाके के बाद अचानक घुसा पानी, बाल-बाल बची जान, मची अफरातफरी

इस घटना में दो कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जमीन के नीचे किसी अज्ञात जगह से अचानक खदान में पानी भरने लगा। पानी के इस तरह भरने से कर्मचारियों में घबराहट फैल गई।

फोटो: IANS
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  • पश्चिम बंगाल की कोयला खदान में भयानक हादसा!, अचानक भरा पानी, मची चीख-पुकार!

  • खदान में अचानक घुसा पानी, थर्रा उठी धरती!, बंगाल के अंडाल में बड़ा हादसा टला!

  • खदान में पानी भरते ही आई तेज आवाजें, कांपने लगी धरती, भागे लोग!

  • क्या धंसने वाली है ज़मीन?, खदान में पानी भरने के बाद इलाकों में महसूस हुए झटके!

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल में सिदुली कोयिलरी इलाके की एक कोयला खदान में अचानक पानी घुसने से मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। जिसके बाद अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर उन्हें बाहर निकाला।

अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई कि इस घटना में दो कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों के मुताबिक, जमीन के नीचे किसी अज्ञात जगह से अचानक खदान में पानी भरने लगा। पानी के इस तरह भरने से कर्मचारियों में घबराहट फैल गई।


मामले की जानकारी होते ही किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए सभी कर्मचारियों को तुरंत खदान प्रशासन की ओर से बाहर निकाला गया। सूत्रों का कहना है कि उस समय खदान के अंदर कर्मचारियों की संख्या कम होने की वजह से एक बड़ा हादसा होने से टल गया।

इस घटना से खदान के पास रहने वाले लोगों में भी चिंता फैल गई। स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि खदान के पास के कुछ इलाकों में झटके महसूस किए गए और तेज आवाजें भी सुनी गईं। खतरे की आशंका से, कुछ लोग बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ अपने घर छोड़कर दूसरी जगहों पर चले गए।

ऐसे में इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या खदान में अचानक पानी भरने और आस-पास के रिहायशी इलाकों में महसूस किए गए झटकों और तेज आवाजों के बीच कोई संबंध है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है; जांच पूरी होने के बाद ही असली वजह का पता चल पाएगा।

उन्होंने बताया कि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या खदान में अचानक पानी भरने से किसी बड़े खतरे की आशंका है और आसपास के रिहायशी इलाकों में कंपन और शोर का असली कारण क्या हो सकता है।

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