मध्य प्रदेश में हैवानियत: मूक-बधिर छात्र-छात्राओं का यौन शोषण, थाने के घेराव के बाद देर रात दर्ज हुआ मामला

मध्य प्रदेश में एक बार फिर मूक-बधिक छात्र-छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। लेकिन भोपाल पुलिस इस मामले को दर्ज करने में आनाकानी करती रही। कांग्रेस के व्यापक विरोध और थाने के घेराव के बाद देर रात दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

भोपाल के बैरागढञ में साईं विकलांग अनाथाश्रम के हॉस्टल संचालक पर वहां के मूक बधिर छात्र-छात्राओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि हॉस्टल संचालक एम पी अवस्थी उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता था और प्रतिरोध करने पर भविष्य बरबाद करने की धमकी देता था। वहीं छात्रों ने भी संचालक पर यौन शोषण और अप्राकृतिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है।

इससे पहले भी भोपाल में पिछले दिनों मूक बधिर छात्राओं के साथ बलात्कार के मामले सामने आए थे। इसके बाद इस आश्रम की दो मूक-बधिर छात्राएं और तीन छात्र सामाजिक न्याय विभाग पहुंचे। इन छात्रों ने साइन लैंग्वेज में हॉस्टल संचालक पर दुष्कर्म और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।

छात्र-छात्राओं ने सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद ये छात्र थाने पहुंचे। लेकिन, पुलिस ने इनका मामला दर्ज नहीं किया। सूचना मिलने पर कांग्रेस नेता शोभा ओझा और दूसरे कांग्रेस कार्यकर्ता भी टीटी नगर थाने पहंच गए और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तारी की मांग की।

काफी आनाकानी के बाद आखिरकार देर रात आश्रम के हॉस्टल संचालक एमपी अवस्थी के खिलाफ धारा 377, 376, 354, 506, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में दो आरोपी एमपी अवस्थी और कविता चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया।

कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने कहा है कि पिछले साल भी एक बच्ची ने सामाजिक न्याय विभाग से ऐसी ही शिकायत की थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद होशंगाबाद कलेक्टर से शिकायत की गई और जांच में उसकी शिकायत सही पाई गई. इस घटना के बाद विकलांग केंद्र को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया।

गौरतलब है कि होशंगाबाद का हॉस्टल भी यही आरोपी एमपी अवस्थी चलाता है। उसके बैरागढ़ आश्रम को सरकारी मदद मिलती है, इससे उसके राजनीतिक रसूख का अनुमान होता है।

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