बिहार: कहीं 'गिरिराज कुंड' तो कहीं 'कुंदन कुंड', सड़क के गड्ढों को दिया गिरिराज सिंह और BJP विधायक का नाम
बिहार के बेगूसराय में पर्रा-सरौंजा सड़क के गड्ढों को ग्रामीणों ने गिरिराज कुंड और कुंदन कुंड नाम दिया है।

बिहार के बेगूसराय में बदहाल सड़क से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया और गड्ढों को जनप्रतिनिधियों के नाम दे दिए।
पर्रा-सरौंजा सड़क पर बने गड्ढों का नाम सांसद गिरिराज सिंह के नाम पर 'गिरिराज कुंड' और विधायक कुंदन कुमार के नाम पर 'कुंदन कुंड' रखा गया।
ग्रामीणों ने दोनों जनप्रतिनिधियों की तस्वीरों वाली तख्तियां गड्ढों के पास लगाईं।
स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करेंगे।
बिहार के बेगूसराय में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने ऐसा विरोध दर्ज कराया है, जिसने सबका ध्यान खींचा है। लंबे समय से जर्जर सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों से परेशान लोगों ने अब इन गड्ढों का नामकरण ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम पर कर दिया। किसी गड्ढे को 'गिरिराज कुंड' तो किसी को 'कुंदन कुंड' नाम दिया गया है। ग्रामीणों ने सांसद गिरिराज सिंह और बीजेपी विधायक कुंदन कुमार की तस्वीरों वाली तख्तियां बनाकर गड्ढों के पास लगा दीं। इस विरोध का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामला बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड की पर्रा पंचायत का है। यहां पर्रा-सरौंजा सड़क की हालत लंबे समय से खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढों के पास पहुंचकर जनप्रतिनिधियों के नाम वाली तख्तियां लगाईं और इस तरह अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि सड़क की समस्या लगातार बनी हुई है, लेकिन मरम्मत नहीं होने से लोगों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।
गिरिराज कुंड और कुंदन कुंड नाम देकर जताया विरोध
ग्रामीणों ने विरोध के लिए प्रतीकात्मक तरीका चुना। उन्होंने गड्ढों के लिए 'गिरिराज कुंड' और 'कुंदन कुंड' जैसे नाम तय किए और सांसद-विधायक की तस्वीरों वाली तख्तियां वहां लगा दीं। वायरल वीडियो में कुछ युवक हाथों में ये तख्तियां लेकर सड़क के अलग-अलग गड्ढों के पास जाते और उन्हें लगाते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का मकसद इस अनोखे तरीके से सड़क की समस्या को सार्वजनिक करना और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों का ध्यान खींचना है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पर्रा-सरौंजा सड़क की हालत कई दशकों से खराब है। बीच में सड़क का निर्माण जरूर कराया गया था, लेकिन समय के साथ इसकी स्थिति फिर बिगड़ गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्ष 2020 में कुंदन कुमार के विधायक बनने के बाद पिछले छह वर्षों में सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। हालांकि, इस आरोप पर संबंधित जनप्रतिनिधियों या विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बारिश में बढ़ जाती है परेशानी, आंदोलन की चेतावनी
सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से बाइक, रिक्शा, ऑटो और कार से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों ने पर्रा पंचायत को मॉडल पंचायत कहे जाने के बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। गड्ढों को जनप्रतिनिधियों के नाम देना इसी नाराजगी को सामने लाने का एक तरीका है। लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो वे आंदोलन करेंगे। अब देखना होगा कि इस अनोखे विरोध और वायरल वीडियो के बाद सड़क की मरम्मत को लेकर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।
