ड्राइवर, रूट और स्पीड को लेकर बड़ी लापरवाही, आखिर यमुना एक्सप्रेस-वे पर 29 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन?

आगरा के यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण बस हादसे में 29 लोगों की मौत में लापरवाही की कई खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि ऐन वक्त पर बस का रूट बदला गया था, बस की स्पीड नियम के मुताबिक ज्यादा थी। साथ ही लंबी दूरी की गाड़ी में एक ही ड्राइवर मौजूद था।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

आगरा बस हादसे में 29 लोगों की मौत के बाद पूरा देश शोक में डूब गया है। एक ओर इस हादसे को लेकर सीएम योगी ने जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर इस हादसे को लेकर एक के बाद एक कई खुलासे हो रहे हैं। इस खुलासे में कई लापरवाही सामने आई है। सबसे बड़ी लापरवाही की बात करे तो बस लखनऊ से दिल्ली आ रही थी। लखनऊ से दिल्ली की दूरी 500 किलोमीटर है और नियम के अनुसार एक ड्राइवर एक दिन में सिर्फ 400 किलोमीटर ही बस चला सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि बस में दूसरा ड्राइवर क्यों नहीं भेजा गया। अगर रोडवेज के अधिकारी रविवार की रात जरा भी चौंकन्ने होते तो आज वो 29 लोग हमारे बीच में होते, जिनकी इस हादसे में जान चली गयी।

ड्राइवर, रूट और स्पीड को लेकर बड़ी  लापरवाही, आखिर यमुना एक्सप्रेस-वे पर 29 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन?

यूपी रोडवेज में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रहे रिटायर्ड ओपी मिश्रा का कहना है, “दिन हो या रात एक ड्राइवर 400 किमी ही बस चलाएगा। 400 किमी पूरे होते ही दूसरे ड्राइवर को बस दे दी जाएगी। लेकिन इस बस में एक ही ड्राइवर बताया जा रहा है। जबकि लखनऊ से आनन्द विहार, दिल्ली की दूरी 500 किमी से अधिक है। बावजूद इसके डिपो से बस पर एक ही ड्राइवर भेजा गया”

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इसके अलावा बताया जा रहा है कि ऐन वक्त पर बस का रूट बदला गया था। गाजीपुर रूट की बस को आनंद विहार के लिए रवाना किया गया था। खबरों के मुताबिक, बस गाजीपुर जाने वाली थी, लेकिन दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा होने की वजह से अधिकारियों ने बस को आनंद विहार भेजने का फैसला लिया। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि रूट नया होने और रास्ते का ठीक से पता न होने की वजह से ड्राइवर से गलती हुई हो।

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इसके अलावा एक चूक सामने आ रही है। खबरों की माने तो बस 150 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। बेकाबू बस डिवाइडर से टकराई और एक फुट ऊंचे डिवाइडर पर चढ़ गई। इसके बाद फिर चार फुट ऊंची रेलिंग पर 25 मीटर तक घिसटती गई। इस दौरान टायर फट गया और 60 फीट नीचे खाई में जा गिरी। अब सवाल उठता है कि बस इतनी रफ्तार में क्यों थी। नियमों के मुताबिक, बस की रफ्तार अधिक से अधिक 60 होनी चाहिए थी, लेकिन जब बस हादसे का शिकार हुआ तो इसकी रफ्तार 150 थी।

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Published: 08 Jul 2019, 5:15 PM