बिहार: गोपालगंज में फूड प्वाइजनिंग से 10 बच्चों समेत 12 लोग बीमार, फेंसा खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
चिकित्सकों के अनुसार, दूध से तैयार फेंसा के सेवन के कारण सभी लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए। फिलहाल, सभी मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

बिहार के गोपालगंज जिले में फूड प्वाइजनिंग का मामला सामने आया है, जहां पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' खाने के बाद एक ही परिवार के 10 बच्चों समेत कुल 12 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को पहले बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, सभी मरीजों की हालत अब खतरे से बाहर है और लगातार सुधार हो रहा है। यह घटना बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के कृतपुरा गांव की है।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी अनिल सहनी के घर गाय ने बछड़े को जन्म दिया था। इस खुशी में परिवार के लोगों ने शुरुआती दूध से पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' तैयार किया और पड़ोस में रहने वाले परिवारों के यहां भी खाने के लिए भेज दिया। बुधवार रात परिवार के बच्चों और अन्य सदस्यों ने फेंसा खाया। इसके कुछ ही देर बाद सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई, जिससे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
बीमार होने वालों में प्रिया कुमारी, सिमरन कुमारी, प्रियांशु कुमारी, ऋषभ कुमार, अभिराज कुमार, मोनालिसा कुमारी, ऋतिक कुमार, अतुल कुमार, मनीषा देवी और राजनती देवी सहित कुल 12 लोग शामिल हैं। परिजनों ने सभी को तत्काल बैकुंठपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
सदर अस्पताल में चिकित्सक डॉ. पंकज कुमार की देखरेख में सभी मरीजों का इलाज किया गया। डॉक्टर ने गुरुवार को बताया कि समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात और उमस के मौसम में बासी भोजन या मवेशी के बछड़ा देने के तुरंत बाद प्राप्त दूध से बने खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचें।
चिकित्सकों के अनुसार, दूध से तैयार फेंसा के सेवन के कारण सभी लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए। फिलहाल, सभी मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
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