बिहार बंद के बाद पुलिस का एक्शन, 350 गिरफ्तार, CCTV से पहचान, 1500 से ज्यादा लोग पुलिस की रडार पर
बिहार बंद के बाद पुलिस ने 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। सीसीटीवी और ड्रोन फुटेज के आधार पर 1500 से ज्यादा संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

नीट प्रदर्शन को लेकर हुए बिहार बंद के बाद राज्यभर में पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की मदद से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। इसी क्रम में पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई संदिग्धों की तस्वीरें भी जारी की हैं और लोगों से उनकी पहचान में सहयोग की अपील की है। पुलिस के अनुसार, अब तक 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 1500 से ज्यादा लोग जांच एजेंसियों की रडार पर हैं।
पटना से पूर्णिया तक कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, रविवार को पटना समेत पांच जिलों में अभियान चलाकर 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। सबसे अधिक 258 गिरफ्तारियां पटना में हुईं। सारण जिले में 200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सासाराम में 35 लोगों की पहचान की गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सीतामढ़ी में 159 संदिग्धों की तस्वीरें सार्वजनिक की गई हैं, जहां अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। किशनगंज के बहादुरगंज में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर 22 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। भागलपुर में 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और 41 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्णिया में 27 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं लखीसराय में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 19 अन्य संदिग्धों की तस्वीरें पहचान के लिए जारी की गई हैं।
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तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर सवाल
बिहार बंद के दौरान छात्रों के प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे तेज प्रताप यादव को पुलिस ने पहले हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया। हिरासत में लिए जाने के बाद तेज प्रताप ने कहा था कि वह युवाओं के लिए मर-मिटने को तैयार हैं। वहीं उनके समर्थकों का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी प्रदर्शन स्थल से नहीं, बल्कि एक मॉल में शॉपिंग के दौरान की गई। दूसरी ओर बिहार पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पहचान कर आगे भी गिरफ्तारियां की जाएंगी। पुलिस ने लोगों से जारी तस्वीरों में दिख रहे संदिग्धों की पहचान होने पर सूचना देने की भी अपील की है।
तेजस्वी यादव का राज्य सरकार को अल्टीमेटम
24 दिनों की विदेश यात्रा से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पटना समेत कई जिलों में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तेजस्वी ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर अगले दिन तक छात्रों पर दर्ज सभी मामले वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया, तो पूरे बिहार में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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'तेज प्रताप समेत कई विधायकों को जेल भेजना तानाशाही का उदाहरण'
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपराधियों और भ्रष्टाचारियों की सरकार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव समेत कई विधायकों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा गया है, जो तानाशाही का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति अब स्वीकार नहीं की जाएगी और बिहार की स्थिति तभी सुधरेगी, जब मौजूदा सरकार को हटाया जाएगा।
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