बिहार के भागलपुर में दो जगह टूटे तटबंध, कोसी के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता, 27,954 लोग राहत शिविरों में

भागलपुर में दो जगह तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 27,954 लोग राहत शिविरों में हैं, जबकि कोसी क्षेत्र के 5,000 स्कूल प्रभावित हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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बिहार के भागलपुर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। कोसी नदी के तेज दबाव और भारी बारिश के बीच जिले में दो अलग-अलग जगहों पर तटबंध टूट गए हैं। इससे आसपास के इलाकों में पानी फैलने और हालात बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है।

दो जगह तटबंध टूटने से बढ़ी चिंता

नौगछिया के रंगरा चौक ब्लॉक के बनिया गांव में पुरानी रेलवे लाइन के तटबंध का करीब 15 मीटर हिस्सा कोसी के बाढ़ के पानी के दबाव में ढह गया। टूटे हिस्से से पानी तेजी से आसपास के इलाकों की ओर बह रहा है। इससे साधोपुर, मसुदनपुर, बैसी, भवानीपुर और बनिया के लोगों में डर बढ़ गया है।

स्थानीय प्रशासन और लोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों पर दबाव बना रहा है, जिससे आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ने की चिंता बनी हुई है।


गोपालपुर में 10 मीटर हिस्से में कटाव

दूसरी घटना नौगछिया के गोपालपुर में हुई, जहां ब्रह्मोत्तर तटबंध में करीब 10 मीटर का कटाव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुवार देर रात आंधी और बारिश के बाद यह हिस्सा टूट गया।

प्रशासन और स्थानीय लोगों ने मिलकर स्थिति को काबू में करने और आगे नुकसान रोकने का काम तेज कर दिया है। इस तटबंध को लेकर पहले से ही चिंता थी, क्योंकि चार दिन पहले यहां रिसाव देखा गया था। अब 10 मीटर हिस्सा ढहने के बाद आशंका है कि अगर कटाव और बढ़ा तो गोपालपुर की बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।

27,954 लोग राहत शिविरों में

लगातार बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में जाना पड़ा है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में 27,954 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा कि जो परिवार पिछले पांच दिनों से बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं, उन्हें 7,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह मदद लंबे समय से विस्थापन झेल रहे परिवारों को तत्काल सहारा देने के लिए है।


कोसी क्षेत्र के 5,000 स्कूलों में पानी

बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। कोसी क्षेत्र के करीब 5,000 स्कूलों में पानी भर गया है, जिससे हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई जगहों पर स्कूल की इमारतों का इस्तेमाल राहत और बचाव कार्य के लिए किया जा रहा है। इससे पढ़ाई पर असर और बढ़ गया है।

सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है। शुक्रवार सुबह 6 बजे कोसी बराज से करीब 1.41 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बराह क्षेत्र से 1.07 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

जलस्तर स्थिर होने के बावजूद अधिकारी नदी के जलस्तर और दबाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भागलपुर में ताजा तटबंध टूटने और बिहार के बड़े हिस्से में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी रहने से प्रशासन और स्थानीय लोग आने वाले दिनों में हालात बिगड़ने की आशंका को लेकर अलर्ट पर हैं।

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