बिहार बाढ़ से बेहाल, 14 जिलों में 35 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, गंगा-पुनपुन अब भी खतरे से ऊपर
बिहार में बाढ़ से 14 जिलों के 35.59 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा और पुनपुन कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बिहार में बाढ़ का संकट अभी टला नहीं है। गंगा और पुनपुन समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राज्य के 14 जिलों की 35.59 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है, जबकि बाढ़ के पानी में डूबने से अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। कई जगह नदियों के जलस्तर में गिरावट जरूर दर्ज की गई है, लेकिन घरों और सड़कों तक पहुंचा पानी अब भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।
सुलतानगंज में रिकॉर्ड स्तर से ऊपर गंगा, पटना में भी बढ़ी चिंता
जल संसाधन विभाग के अनुसार, भागलपुर के सुलतानगंज में गंगा का जलस्तर 36.81 मीटर दर्ज किया गया, जो अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर 36.75 मीटर से 0.06 मीटर ऊपर है। पटना जिले में भी गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मंगलवार शाम छह बजे तक गांधी घाट पर जलस्तर 53.28 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.28 मीटर ऊपर है। दीघा घाट पर 51.42 मीटर, गांधी घाट पर 50.19 मीटर और कंकड़बाग में 49.15 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। इन तीनों स्थानों पर नदी क्रमशः 0.97, 1.59 और 1.15 मीटर ऊपर बह रही है।
हाथीदह में गंगा का जलस्तर 43.39 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.63 मीटर ऊपर है। पंडारक में जलस्तर 43.70 मीटर दर्ज किया गया, जो उच्चतम जल स्तर के बराबर है। बख्तियारपुर में भी गंगा का जलस्तर 39.98 मीटर रहा और नदी खतरे के निशान से 0.65 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं पटना जिले के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.89 मीटर ऊपर बहने से चिंता बनी हुई है।
कोसी, गंडक और सोन बराज से छोड़ा गया पानी
उदय, कोसी बराज और वीरपुर से शाम छह बजे 1,57,135 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद वहां स्थिति स्थिर रही। गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से 92,900 क्यूसेक और सोन बराज, इंद्रपुरी से 1,05,827 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इन दोनों जगहों पर पानी में गिरावट का रुख रहा। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंचा हुआ है और लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
बाढ़ के पानी में डूबने से भोजपुर के चार, बेगूसराय के तीन और पटना के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। पटना जिले के मोकामा में दो लोगों और फुलवारीशरीफ में एक व्यक्ति की जान गई। भोजपुर के शाहपुर प्रखंड की सलहस सेदपुर बरारी पंचायत संख्या एक के वार्ड नंबर 11 में एक युवती की डूबने से मौत हो गई। टाउन थाना क्षेत्र के भलुहीपुर और धरहरा मोहल्ले में शौच करने गए एक युवक और एक अधेड़ की जान चली गई। चरपोखरी के दुबौली गांव में एक महिला और शाहपुर के बरिसवन गांव में एक अधेड़ की भी डूबने से मौत हुई। वहीं बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र की परमानंदपुर पंचायत के हुसैना दियारा गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवती और एक किशोरी की मौत हो गई। शाहपुर प्रखंड की सलहस सेदपुर बरारी पंचायत संख्या एक के वार्ड नंबर 11 में डूबने से एक और व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है।
गांधी सेतु के नीचे नाव हादसा, एक की मौत और एक लापता
हाजीपुर में गांधी सेतु के नीचे बोल्डर से टकराकर गंगा की बाढ़ के पानी में एक नाव डूब गई। नाव पर सवार 11 लोगों में से नौ को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि दो लोग लापता हो गए थे। इनमें से एक का शव बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान तेरीसिया गांव के चंदन के रूप में हुई है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में 15 सितंबर तक अच्छी बारिश की संभावना बहुत कम है। हालांकि 14 सितंबर को कोसी क्षेत्र, सुपौल, मधुबनी समेत कुछ अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की से तेज बारिश हो सकती है। 16 सितंबर के बाद मानसून के लौटने की संभावना जताई गई है। इस दौरान अच्छी बारिश होने के आसार हैं और इसका असर अक्टूबर के पहले सप्ताह तक रह सकता है। फिलहाल बिहार में सामान्य से 27 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
