बिहार विधान परिषद चुनाव: जेडीयू से निशांत को मिला टिकट, बीजेपी ने पवन सिंह को बनाया उम्मीदवार

आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य मंत्री दीपक प्रकाश को भी उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल उनके नाम की घोषणा नहीं हुई है। निशांत कुमार और दीपक प्रकाश दोनों वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

बिहार विधान परिषद चुनाव: जेडीयू से निशांत को मिला टिकट, बीजेपी ने पवन सिंह को बनाया उम्मीदवार
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नवजीवन डेस्क

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बिहार विधान परिषद के आगामी द्विवार्षिक चुनाव के लिए शुक्रवार को बीजेपी और जेडीयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। खास बात है कि जेडीयू की सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और हाल में मंत्री बनाए गए निशांत कुमार का नाम भी शामिल है। वहीं बीजेपी की लिस्ट में भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह का नाम शामिल है।

बिहार की 75 सदस्यीय विधान परिषद की नौ सीट पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा हाल में की गई थी। यह उपचुनाव जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद रिक्त हुई सीट के लिए कराया जा रहा है।विधान परिषद सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है।

जेडीयू की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, निशांत के अलावा उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया गया है। अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) की धनुक जाति से आने वाले ललन प्रसाद को जदयू नेतृत्व का करीबी माना जाता है।

आगामी चुनाव के लिए जेडीयू ने दो महिला उम्मीदवारों को भी मैदान में उतारा है, जिनमें पार्टी की प्रवक्ता और महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष भारती मेहता और पश्चिम चंपारण की पार्टी कार्यकर्ता शिवरानी देवी प्रजापति शामिल हैं। मधुबनी की रहने वाली भारती मेहता पूर्व में बिहार राज्य संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वह अत्यंत पिछड़ा वर्ग की नोनिया समुदाय से आती हैं। वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की कुम्हार जाति से संबंध रखने वाली शिवरानी देवी प्रजापति जेडीयू की पूर्व प्रदेश महासचिव रह चुकी हैं।


जेडीयू के सभी उम्मीदवार पिछड़े वर्गों से हैं, वहीं बीजेपी ने सामाजिक संतुलन साधने के लिए सवर्ण, ओबीसी और ईबीसी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया है। बीजेपी के सवर्ण उम्मीदवारों में पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख शामिल हैं, जो लगातार तीसरी बार विधान परिषद चुनाव के मैदान में हैं।

इनके अलावा बीजेपी ने भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को भी उम्मीदवार बनाया है।पवन सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव काराकाट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा था।बीजेपी के अन्य उम्मीदवार अनिल ठाकुर और शीला पंडित दोनों अत्यंत पिछड़ा वर्ग से आते हैं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ता रहे हैं।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और राज्य मंत्री दीपक प्रकाश को भी उम्मीदवार बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल उनके नाम की घोषणा नहीं हुई है। निशांत कुमार और दीपक प्रकाश दोनों वर्तमान में किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

जिन नौ सीट पर द्विवार्षिक चुनाव होने हैं, उनमें से चार सीट जेडीयू के पास थीं। पार्टी ने इस बार कम सीट पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है जबकि छह वर्ष पहले की तुलना में विधानसभा में जेडीयू की संख्या अधिक थी। एनडीए के सहयोगी दलों को समायोजित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। बीजेपी 89 विधायकों के साथ विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी है। पिछले कार्यकाल में नौ में से केवल दो सीट बीजेपी के पास थीं लेकिन इस बार सत्तारूढ़ दल ने चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। जिन नौ सीट पर चुनाव होना है, उनमें से तीन सीट आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन के पास हैं।

विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनाव व उपचुनाव दोनों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून निर्धारित की गई है। बिहार विधान परिषद की नौ सीटों के लिए आगामी 18 जून को चुनाव होगा।

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