बिहारः पटना में सचिवालय परिसर में मिली शराब की बोतलें, तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर उठाए सवाल

विकास भवन के गेट नंबर-6 के पास शराब का एक टेट्रा पैक बरामद हुआ। यह जगह सचिवालय परिसर का संवेदनशील इलाका माना जाता है, जहां कई विभागों के अधिकारी बैठते हैं। सरकारी भवन में शराब मिलने की घटना बाद प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

बिहारः पटना में सचिवालय परिसर में मिली शराब की बोतलें, तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर उठाए सवाल
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नवजीवन डेस्क

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बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को अतिसुरक्षित सचिवालय के परिसर में कूड़ेदान से शराब की बोतलें मिलने से हड़कंप मच गया। इस घटना को लेकर नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए एनडीए सरकार को घेरा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में शराबबंदी पूरी तरह से विफल है। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले में जांच की मांग की।

जानकारी के मुताबिक, विकास भवन के गेट नंबर-6 के पास शराब का एक टेट्रा पैक बरामद हुआ। यह जगह सचिवालय परिसर का संवेदनशील इलाका माना जाता है, जहां कई विभागों के अधिकारी बैठते हैं। सरकारी भवन में शराब मिलने की घटना बाद प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस मामले में कोई भी अधिकारी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। सरकारी दफ्तर के परिसर से शराब की बोतल मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि जब राज्य में 10 वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू है, तब सचिवालय जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में शराब कैसे पहुंच गई?

तेजस्वी यादव ने इस मामले पर कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। एक तरफ सरकार दावा करती है कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, वहीं दूसरी ओर सचिवालय जैसे संवेदनशील परिसर में शराब की बोतलें मिलना कई सवाल खड़े करता है। यह जांच का विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी का फायदा आम जनता को नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब लोग जेल जा रहे हैं, उन पर मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। खासकर दलित और अतिपिछड़े समाज के लोगों पर अधिक कार्रवाई हो रही है, उनकी गिरफ्तारी हो रही है।


आरजेडी नेता ने आगे कहा कि राज्य में जहरीली शराब से कई लोगों की जान जा चुकी है। यह इस नीति की विफलता को दर्शाता है। युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बदल रही है और वे अन्य तरह के नशे के आदी हो रहे हैं, लेकिन सरकार के पास इसे रोकने के लिए कोई ठोस नीति या नियंत्रण नहीं है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बिहार में लागू शराबबंदी पूरी तरह से फ्लॉप साबित हो रही है।

लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा। एक्स पर पोस्ट में उन्होंने लिखा, "बिहार में शराब की पहुंच सत्ता के गलियारों तक है। बिहार में शराबबंदी के सफल होने के तमाम दावों की हवा एक दफा फिर से निकल गयी है, मंत्रियों-बड़े सरकारी अधिकारियों के बैठने वाली सरकारी बिल्डिंग 'विकास भवन' में शराब की खाली बोतल का पाया जाना शराबबंदी के कानून का पूरी तरह से फेल होना ही दर्शाता है। कहीं ऐसा तो नहीं कि उच्च सुरक्षा वाली बिल्डिंगस में बैठकर मंत्री या सरकारी अधिकारी ही शराब का सेवन कर रहे हैं?"


उन्होंने आगे कहा, "सरकार की नाक तले शराब की बोतल पाए जाने से ही ये साबित होता है कि अवैध शराब के कारोबारियों की पहुंच सरकारी तंत्र से ज्यादा है और अवैध शराब के कारोबार की जड़ें सरकार से भी ज्यादा मजबूत हैं। पूर्व में भी अतिसुरक्षित कहे जाने वाले विधानसभा परिसर में भी शराब की बोतलें बरामद हो चुकी हैं। एक नहीं, सैंकड़ों दफा कई अस्पतालों, पुलिस थानों और सरकारी कार्यालयों में शराब की बोतलें पायी गयीं हैं, शराबबंदी का आलम तो कुछ ऐसा है कि राजधानी पटना के साथ-साथ प्रदेश के लगभग हरेक गली-मोहल्ले-कस्बे-गांव और शहरों की सडकों पर खाली शराब की बोतलें मिलना आम बात है।"

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