बिहार: 31 साल पुराने केस में सांसद पप्पू यादव को मिली जमानत, लेकिन नहीं हो पाएगी रिहाई, जानें क्यों?
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को एमपी-एमएलए कोर्ट से मंगलवार को जमानत मिल गई। 31 साल पुराने मामले में तीन दिन पहले ही गिरफ्तार हुए थे।

बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, फिलहाल उनकी रिहाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि उन्हें एक अन्य मामले में रिमांड पर भेज दिया गया है।
जिस केस में उन्हें जमानत मिली है, वह वर्ष 1995 का है। इस मामले में उन पर मकान पर अवैध कब्जा करने और जालसाजी के आरोप थे। पुलिस ने बीते शुक्रवार देर रात उन्हें पटना स्थित उनके मंदिरी आवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों और पुलिस के बीच काफी देर तक तनाव और नोकझोंक की स्थिति बनी रही।
दूसरे केस में रिमांड पर लिए गए पप्पू यादव
इस घटनाक्रम के बाद पटना के बुद्धा कॉलोनी थाने में पप्पू यादव के खिलाफ एक अलग एफआईआर दर्ज की गई। इसी ताज़ा मामले में उन्हें फिलहाल रिमांड पर रखा गया है। बुद्धा कॉलोनी थाने से जुड़े इस केस की सुनवाई अब बुधवार को पटना की एमपी-एमएलए अदालत में होगी। ऐसे में सांसद को कम से कम एक और रात बेऊर जेल में बितानी होगी।
मंगलवार को अदालत में पेशी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है और कहा कि उन्हें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है।
तीन दिन पहले हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, गर्दनीबाग थाने में दर्ज 31 साल पुराने मामले में वारंट जारी होने के बाद पुलिस शुक्रवार आधी रात उनके आवास पर पहुंची थी। शुरुआत में सांसद और उनके समर्थकों ने गिरफ्तारी का विरोध किया, जिससे करीब ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर आईजीआईएमएस अस्पताल ले गई, जहां उन्हें रातभर रखा गया।
शनिवार सुबह पीएमसीएच में मेडिकल जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजते हुए इलाज जारी रखने का निर्देश दिया था, जिसके चलते उन्हें पीएमसीएच के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया। रविवार को स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें बेऊर जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
सोमवार को उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, लेकिन पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के कारण सुनवाई टाल दी गई। इसके बाद मंगलवार को जब दोबारा पेशी हुई, तो अदालत ने गर्दनीबाग थाने से जुड़े पुराने मामले में उन्हें जमानत दे दी, लेकिन बुद्धा कॉलोनी थाने में दर्ज हंगामा से जुड़े नए केस में उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।