बिहार नगर निकाय चुनाव: ओबीसी आरक्षण पर पटना HC ने लगाई रोक, EC से कहा- वोटिंग की तारीख बढ़ा सकते हैं आगे

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने नगर निकाय चुनाव में आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में अधिसूचित कर चुनाव कराने का आदेश दिया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पटना उच्च न्यायालय ने मंगलवार को बिहार में इसी महीने होने वाले नगर निकाय चुनाव में अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण पर रोक लगा दी है।

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने नगर निकाय चुनाव में आरक्षण के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य में अधिसूचित कर चुनाव कराने का आदेश दिया है। खंडपीठ ने साथ ही यह भी कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग चाहे तो वह मतदान की तारीख को आगे बढ़ा सकता है।

गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने निकाय चुनाव में पिछडों को आरक्षण को लेकर दायर याचिका पर 29 सितंबर को सुनवाई पूरी कर ली थी।

खंडपीठ ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया गया है। इस कारण स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

राज्य निर्वाचन आयोग के पूर्व में जारी चुनावी कार्यक्रम के मुताबिक राज्य में नगर निकाय चुनाव को लेकर पहले चरण के लिए 10 अक्टूबर को और दूसरे चरण के तहत 20 अक्टूबर को मतदान की तिथि घोषित कर चुकी है।

पटना उच्च न्यायलय के इस फैसले को लेकर बिहार में राजनीति गर्म होने की संभावना जताई जा रही है जबकि न्यायलय के इस फैसले के बाद स्थानीय निकाय चुनाव पर भी रद्द होने के बादल मंडराने लगे हैं।

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