बिहार में नीट अभ्यर्थी मौत मामला: पिता ने न्याय न मिलने पर आत्मदाह की दी धमकी, कहा- जांच से संतुष्ट नहीं

पीड़िता के पिता ने कहा, “हमें बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है। हम एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। इसके अधिकारी हमें परेशान कर रहे हैं। हम अपने परिवार और अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर सकता हूं।”

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार की राजधानी पटना के एक अस्पताल में कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद दम तोड़ने वाली नीट अभ्यर्थी के पिता ने पुलिस जांच से असंतोष जताते हुए मामले की न्यायिक जांच की मांग की और कहा है कि यदि परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह आत्मदाह कर लेंगे।

मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 18 वर्षीय मृतका के कुछ परिजनों समेत कई लोगों के डीएनए नमूने एकत्र कर उन्हें मिलान के लिए फोरेंसिक प्रयोगशाला भेजा है।

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी, इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित छात्रावास के अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद उसकी 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी।

मृतका के परिवार ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा था कि अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

जहानाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए पीड़िता के पिता ने कहा, “हमें बिहार पुलिस पर भरोसा नहीं है। हम एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। इसके अधिकारी हमें परेशान कर रहे हैं। मैं इस घटना की न्यायिक जांच चाहता हूं और टीम की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश को करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने परिवार और अपनी बेटी के लिए न्याय चाहते हैं। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं आत्मदाह कर सकता हूं।”


उन्होंने इस मामले में छात्रावास और अस्पताल प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया, “स्थानीय पुलिस अधिकारी भी जांच को भटकाने में शामिल हैं।” दो पुलिस अधिकारियों के निलंबन के सवाल पर पिता ने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि वे अधिकारी जांच को सही दिशा में नहीं ले जा रहे थे।

पटना पुलिस ने पिछले सप्ताह कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में दो पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया था। ये दोनों अधिकारी एसआईटी का हिस्सा नहीं हैं।

पुलिस ने हाल ही में दावा किया था कि छात्रा के कपड़ों की फोरेंसिक रिपोर्ट में वीर्य के अंश पाए गए हैं, जिन्हें उसने अस्पताल में भर्ती होने के समय पहना था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “वीर्य का डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है और इसे गिरफ्तार व्यक्ति और अन्य संदिग्धों के डीएनए प्रोफाइल से मिलाया जाएगा। यही कारण है कि जांच के तहत कई लोगों के डीएनए नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।” इस मामले में छात्रावास के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।