बिहार में बुजुर्ग माता-पिता की सेवा नहीं करने पर अब होगी जेल, जानिए नीतीश कैबिनेट ने क्या फैसला लिया

बिहार के सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के वृद्घजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम 2011 के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार में नीतीश कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब बूढ़े माता-पिता की सेवा नहीं करने वाले लोगों को जेल जानी पड़ सकती है। बिहार मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में फैसला किया गया कि बिहार में रहने वाली संतानें अगर अब अपने माता-पिता की सेवा नहीं करेंगी तो उन्हें जेल की सजा हो सकती है। माता-पिता की शिकायत मिलते ही ऐसी संतानों पर कार्रवाई होगी। बिहार में माता-पिता के भरण-पोषण के लिए पहले से ही एक कानून था, सरकार ने उसमें संशोधन करते हुए यह नया फैसला लिया है। संशोधित कानून के तहत माता-पिता की सेवा न करने वाली संतानों को अब न सिर्फ जेल की सजा हो सकती है, बल्कि उन्हें संपत्ति से भी हाथ धोना पड़ सकता है। जैसे ही बुजुर्ग शिकायत करेंगें, उस पर पुलिस तुरंत पुलिस कार्रवाई करेगी।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में कुल 15 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि राज्य के वृद्घजन पेंशन योजना को भी बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम 2011 के दायरे में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब किसी भी बुजुर्ग द्वारा दिए गए आवेदन का निपटारा प्रखंड विकास पदाधिकारी को 21 दिनों के अंदर करना होगा।

नीतीश कैबिनेट ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद बिहार के जवानों के आश्रितों को बिहार सरकार ने नौकरी देने का भी फैसला किया है। इसके अलावा भागलपुर में गंगा नदी पर एक नया पुल बनाने का निर्णय लिया गया है।

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