CBI-ED निदेशकों का कार्यकाल बढ़ाने वाले विधेयक लोकसभा में पेश, विपक्ष ने किया विरोध, बताया अलोकतांत्रिक

विधेयकों का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह बिल अध्यादेश के नियमों के तहत लाया गया है, जो कानून के खिलाफ है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि यह सरकार को जब भी मन करे, कार्यकाल बढ़ाने की स्वतंत्रता देता है। उन्होंने इसे 'अलोकतांत्रिक' बताया।

फोटोः संसद टीवी
फोटोः संसद टीवी
user

नवजीवन डेस्क

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) विधेयक-2021 और दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) विधेयक-2021 पेश किया, जिससे ईडी और सीबीआई निदेशक के कार्यकाल में संशोधन का प्रावधान है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने विधेयक पेश करने का जोरदार विरोध किया और इसे अलोकतांत्रिक बताया। केंद्रीय सतर्कता आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक के सेवा कार्यकाल को दो साल के निश्चित कार्यकाल से बढ़ाकर पांच साल करने का प्रावधान रखा गया है।

सरकार के इस कदम का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह विधेयक अध्यादेश के नियमों के तहत लाया गया है, जो कानून के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकाल का विस्तार दुर्लभ परिस्थितियों में ही दिया जाना चाहिए, लेकिन इस विधेयक के बाद, यह इसे एक आदर्श बना देगा, इसलिए उन्होंने विधेयक को पेश करने का विरोध किया।

विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह सरकार को जब भी मन करे, कार्यकाल बढ़ाने की स्वतंत्र इच्छा देता है। उन्होंने इस बिल को 'अलोकतांत्रिक' भी बताया। तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रे और कांग्रेस सांसद सुरेश कोडिकुन्निल भी उन अन्य सांसदों में शामिल रहे, जिन्होंने विधेयक को पेश किए जाने का विरोध किया था।


रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने भी विधेयक का विरोध किया और किसी भी अधिकारी का अपनी मर्जी से ही कार्यकाल बढ़ाने का कारण पूछा। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें शामिल इरादा उस अधिकारी की रक्षा करना है, जिसके सरकार के साथ अच्छे संबंध बने हुए हैं।

विपक्ष ने 'दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (संशोधन) विधेयक, 2021' को पेश करने पर भी आपत्ति जताई, जिसे जितेंद्र सिंह ने सदन में पेश किया था। इस कदम का विरोध करते हुए तृणमूल सांसद सौगत रे और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। चौधरी ने यहां तक कहा कि यह पुलिस बल का मनोबल गिरा रहा है, क्योंकि यह विस्तार अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति के रास्ते बंद कर देगा।

विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस खंड का गलत अर्थ निकाला गया है और विपक्ष को यह समझ में नहीं आया है कि वास्तव में कानून क्या है। सिंह ने कहा, "मैं चाहता हूं कि आप कंटेंट (सामग्री) को देखें और इसका पूरी तरह से विरोध करने से पहले इस पर उचित विचार करें। हम चर्चा के दौरान विधेयक के बारे में बात करेंगे, यह सिर्फ एक परिचय है।"

हालांकि विपक्ष के विरोध के बावजूद इस बिल को लोकसभा में पेश कर दिया गया। केंद्र सरकार 14 नवंबर, 2021 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशकों के कार्यकाल को दो साल की निर्धारित अवधि से बढ़ाकर पांच साल करने के लिए अध्यादेश लेकर आई थी।

नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia