बर्ड फ्लू: देश के इन 10 राज्यों में बढ़ा खतरा! हजारों मुर्गियों की मौत से दहशत, कुछ जगहों पर चूजों की एंट्री पर बैन

देश के कई हिस्सों में बीते दिन सैकड़ों पक्षियों की मौत हुई है। अब तक 10 राज्यों में इस फ्लू ने पैर पसार लिए हैं। इनमें देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई, देवभूमि उत्तराखंड समेत 10 राज्य शामिल हैं। जानें क्या है राज्यों की स्थिति और इस फ्लू से बचने के लिए WHO का क्या कहना है?

फोटो: IANS
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पवन नौटियाल

कोरोना संकट के बीच देश में बर्ड फ्लू‌ का‌ (एवियन इन्फ्लूएंजा) खतरा दिनों-दिन बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में बर्ड फ्लू ने बड़ी तेजी से पैर पसारना शुरू कर दिया है। कोविड-19 के संकट के बीच ही इस नई परेशानी ने सबको परेशान किया हुआ है। आपको बता दें, देश के कई हिस्सों में बीते दिन सैकड़ों पक्षियों की मौत हुई है। अब तक 10 राज्यों में इस फ्लू ने पैर पसार लिए हैं। इनमें देश की राजधानी दिल्ली, मुंबई, देवभूमि उत्तराखंड समेत 10 राज्य शामिल हैं।

हिमाचल प्रदेश

राज्य के कांगड़ा जिले में पोंग बांध वन्यजीव अभयारण्य में बीते दिन 215 प्रवासी पक्षी मृत पाए गए। इसी के साथ संदिग्ध रूप से एवियन इंफ्लूएंजा से जान गंवाने वाली चिड़ियों की संख्या बढ़कर 4,200 से ज्यादा हो गई है। लगातार बढ़ रहे खतरे को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने अन्य राज्यों से आ रहे सभी पोल्ट्री (कुक्कुट से संबंधित) उत्पादों पर एक सप्ताह के लिए रोक लगा दी है। एक बयान में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पोल्ट्री उत्पादों के जरिए अन्य राज्यों से संक्रमण स्रोत न आ जाए। इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

उत्तर प्रदेश

कानपुर के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से मरे पक्षियों के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने करीब एक दर्जन से ज्यादा पक्षियों को मार दिया। इसके बाद फैसला लिया गया कि चिड़ियाघर के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले पक्षियों को मारा जाएगा। बर्ड फ्लू के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश को नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसी के साथ राज्य में जीवित पक्षियों के आयात पर रोक लगा दी गई है।

हरियाणा

हरियाणा के पंचकूला जिले में स्थित दो कुक्कुट फॉर्म में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद राज्य सरकार ने नौ त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किए हैं। दोनों केंद्रों पर रोकथाम का अभियान चल रहा है। बीते दिन राज्य में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हरियाणा के रायपुररानी-बरवाला की पोल्ट्री फार्मों में 36 रैपिड रिस्पांस टीमों ने 9395 मुर्गे और मुर्गियों को मारा। इस आपरेशन में अब तक 13095 मुर्गे और मुर्गियों को मारा जा चुका है। यह सभी बर्ड्स सिद्धार्थ पोल्ट्री फार्म खेड़ी और नेचर पोल्ट्री फार्म दंदलावड़ गनौली खंड रायपुररानी के हैं।

गुजरात

गुजरात के सूरत जिले में कौए और वन्य पक्षियों के नमूनों में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। सूरत सहित अन्य तीन जिलों में मिला बर्ड फ्लू अब गायों को भी संक्रमित करने लगा है। बर्ड फ्लू की वजह से सूरत जिले के बारडोली और वडोदरा जिले के सावली क्षेत्र में कई गायों की मौत हो चुकी है। दोनों जगह से भेजे गए सैंपल की सोमवार को आई रिपोर्ट में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) की पुष्टि हुई है। बारडोली में मरे कौओं में रविवार को ही पुष्टि हो चुकी थी।

राजस्थान

एक आदिकारिक बयान में कहा गया है कि राजस्थान में रविवार को 428 पक्षियों की मौत हुई है। इसी के साथ अब पक्षियों की कुल मौत का आंकड़ा बढ़कर 2,900 से ज्यादा हो गया है। 25 दिसंबर को प्रदेश में बर्ड फ्लू का पहला मामला आने के बाद अब 13 जिलों में उड़ते बुखार ने पांव पसार दिए हैं। अभी तक बर्ड फ्लू के मामले कौवों, कबूतर, मोर, तोते और दूसरे परिंदों में ही आए हैं। गनीमत यह है कि अब तक बर्ड फ्लू कोल्ड पोल्ट्री फॉर्म्स तक नहीं पहुंचा है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के परभणी, मुम्बई, बीड़ और दापोली में विभिन्न पक्षियों की मौत भोपाल की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर एविएन इंफ्लूएंजा से होने की पुष्टि हुई है। परभनी के जिलाधिकारी दीपक मुगलीकर ने बताया था कि मुरुम्बा गांव के पॉल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों में करीब 900 मुर्गियों की मौत बर्ड फ्लू के कारण होने की पुष्टि हुई है और जिला प्रशासन ने गांव में करीब 8,000 पक्षियों को मारने का फैसला किया है। संक्रमित क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायर में 8000-10000 पक्षियों को मारा जाएगा।

केरल

केरल के दोनों प्रभावित जिलों में नियंत्रण और रोकथाम का काम पूरा कर लिया गया है। राज्य को अभियान के बाद निगरानी कार्यक्रम संबंधी दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इस बीच, प्रभावित इलाकों में हालात पर निगरानी के लिए गठित केंद्रीय दल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के 13 जिलों के कौओं के नमूनों में बर्ड फ्लू के एच5एन8 प्रकार का संक्रमण पाया गया है। हरियाणा और महाराष्ट्र के बाद अब मध्यप्रदेश में भी पोल्ट्री में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। केंद्रीय पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्रालय से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से प्राप्त पोल्ट्री के सैंपल में भी एवियन इन्फ्लूएन्जा यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इससे पहले मंत्रालय की ओर से पोल्ट्री में हरियाणा के पंचकूला और महाराष्ट्र के परभणी जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि की जा चुकी है। पोल्ट्री-बत्तख में सबसे पहले केरल में इसकी पुष्टि हुई थी।

दिल्ली

दिल्ली की एनिमल हसबेंडरी डिपार्टमेंट के मुताबिक, मरे हुए कौवों और बतखों के 8 सैंपल का टेस्ट करने बाद इस बात की पुष्टि हो गई है कि दिल्ली में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। सारे सैंपल्स पॉजिटिव पाए गए हैं। दिल्ली सरकार ने संजय झील में बत्तखों के बर्ड फ्लू से संक्रमित पाए जाने के बाद शहर के बाहर से प्रसंस्कृत (प्रोसेस्ड) और पैक किया हुआ चिकन लाकर बेचने पर सोमवार को पाबंदी लगा दी। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बीते दिन कहा था कि अब तक केवल संजय झील की बत्तखों में ही बर्ड फ्लू संक्रमण पाया गया है।

उत्तराखंड

बर्ड फ्लू के मद्देनजर प्रशासन ने उत्तराखंड से चूजे या मुर्गी को जिले में लाने पर रोक लगा दी है। इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही पक्षियों के 287 सैंपल भी जांच के लिए भेज दिए गए हैं। बर्ड फ्लू को लेकर शासन, प्रशासन पूरी सक्रियता दिखा रहे हैं। बिजनौर जिले में बर्ड फ्लू का कोई केस नहीं मिला है, फिर भी सतर्कता बरतने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। शासन द्वारा पशुपालन विभाग व वन विभाग के अफसरों को गाइडलाइन जारी की जा रही है। जिले में कुछ कौए मरे मिले, लेकिन पोस्टमार्टम में उनकी मौत सामान्य पाई गई थी। साथ ही कबूतरों में मेरेक्स डिजीज आने की वजह से कबूतरों की मौत हो रही है। मुर्गियों में बर्ड फ्लू फैलने से सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस संबंध में शासन ने सोमवार को दूसरे राज्यों से चूजों व मुर्गियों को लाने पर रोक लगा दी है। 

इन बातों का ध्यान रखें

सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस के अनुसार मांसाहारी भोजन को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। बताया गया है कि ढंग से पकाए गए कुक्कुट या अंडे आदि से बर्ड फ्लू फैलने का खतरा कम होता है। साथ ही जो लोग पक्षियों को पालते हैं, उन्हें उनकी सुरक्षा के साथ ही साफ-सफाई और डिसइंफेक्शन का भी ध्यान रखना चाहिए। इन्हें छूने के बाद एंटीसेप्टिक लोशन से हैंडवाश करें। किसी ऐसे पक्षी के संपर्क में आने पर जो कि बर्ड फ्लू से संक्रमित हों, डॉक्टर को जरूर दिखाएं। वहीं, मृत पक्षियों को छूने से बचें। जहां बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला हो, वहां न जाएं। इंफेक्टेड पक्षियों के डाइरेक्ट कॉन्टैक्ट में न आएं। अफवाहों पर ध्यान न दें।

क्या है WHO की राय?

बर्ड फ्लू को लेकर WHO का मानना ये है कि इस वायरस के संक्रमण का खतरा उन लोगों में अधिक देखने को मिलता है जो लोग पक्षी खासकर मुर्गा पालन करते हैं। इसके अलावा, पहले से किसी संक्रमित पक्षी के संपर्क में आने से भी तबियत बिगड़ सकती है। हालांकि, खानपान को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना भी यही है कि नॉन-वेज खाने से पहले इन्हें अच्छी तरह धोकर और काफी देर तक ठीक ढंग से पकाकर खाना चाहिए।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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