बिहार में बीजेपी ने खुद को नंबर दो पार्टी किया स्वीकार? नीतीश के नेतृत्व में लड़ेगी चुनाव, अमित शाह का ऐलान

बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगामी बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में बीजेपी बिहार में सत्ता में बने रहने के लिए अपने आप को नंबर 2 की पार्टी मान लिया है और नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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विनय कुमार

झारखंड विधानसभा चुनाव में हाल ही में मिली हार और दिल्ली में खुद को पिछड़ता देख शायद बीजेपी ने यह मान लिया है कि बिहार में वह नंबर दो की पार्टी की भूमिका निभाएगी। इस बात पर खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मुहर लगा दी है। बिहार के वैशाली में गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही आगामी बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे।

अमित शाह के इस बयान के बाद अब तय माना जा रहा है कि बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान शुरू होने वाली है। बिहार में जेडीयू खुद को बड़ी पार्टी मानती है और अब नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा जाएगा, ऐसे में जाहिर है कि जेडीयू ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहेगी और इसकी मांग करेगी।

गौरतलब है कि झारखंड में हुई हार से बीजेपी की बड़ी कमजोरी को उजागर हुई है। बीजेपी इस समय राज्यों में मजबूत नेतृत्व की कमी से जूझ रही है। हरियाणा और महाराष्ट्र में भी बीजेपी की सीटें घटने का एक बड़ा कारण मजबूत चेहरे की कमी माना गया। ऐसे में बीजेपी बिहार में सत्ता में बने रहने के लिए अपने आप को नंबर 2 की पार्टी मान लिया है और नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

हाल ही के दिनों में नंबर एक और नंबर दो की पार्टी को लेकर जेडीयू और बीजेपी में तकरार देखने को मिली थी। 31 दिसंबर को जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने अपने ट्वीट में कहा था, “बिहार में नीतीश कुमार का नेतृत्व और जेडीयू की सबसे बड़े दल की भूमिका बिहार की जनता ने तय किया है, किसी दूसरी पार्टी के नेता या शीर्ष नेतृत्व ने नहीं। उन्होंने बीजेपी नेता और डिप्टी सीएम सुशील मोदी पर एक बार फिर से निशाना साधते हुए कहा कि 2015 में परिस्थितिवश डिप्टी सीएम बनने वाले सुशील मोदी से राजनीतिक मर्यादा और विचारधारा पर व्याख्यान सुनना सुखद अनुभव है।

जबकि 30 दिसंबर को सुशील मोदी ने ताल ठोंकते हुए कहा था, “2020 का विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाना तय है। सीटों के तालमेल का निर्णय दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व समय पर करेगा। कोई समस्या नहीं है।”

जेडीयू और बीजेपी में अहम की लड़ाई की शुरुआत तब हुई थी, जब प्रशांत किशोर ने बिहार में जेडीयू को बड़ा भाई बताते हुए कहा था कि उसे बीजेपी से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए। प्रशांत किशोर का कहना था कि बिहार में एनडीए की वरिष्ठ साझीदार होने के नाते उनकी पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुकाबले अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा था कि दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसलिए मेरे अनुसार, लोकसभा चुनाव का फॉर्मूला विधानसभा चुनाव में दोहराया नहीं जा सकता और जेडीयू और अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहिए।

जेडीयू के विधायकों ने भी बीजेपी को आंख दिखाते हुए कहा था कि बिहार के एनडीए गठबंधन में कोई बड़ा या छोटा भाई नहीं होता। सीएम नीतीश कुमार जो चाहते हैं वही होता है। इन विधायकों में दहन पहलवान भी शामिल थे।

Published: 16 Jan 2020, 4:18 PM
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