बीजेपी महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन ला रही है, यह देश को टुकड़ों बांटने वाला कदम: ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कूचबिहार में एक रैली में आरोप लगाया कि बीजेपी ने महिला आरक्षण को आगे रखकर परिसीमन विधेयक पेश किया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी परिसीमन विधेयक के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या करीब 850 तक बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इससे देश टुकड़ों में बंट जाएगा।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र की बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार संसद में महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधन का इस्तेमाल परिसीमन विधेयक के लिए “आवरण” के रूप में कर रही है, जो देश को “टुकड़ों में बांट देगा।” उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस इस कदम का हर स्तर पर विरोध करेगी।
केंद्र के इस कदम का विरोध करते हुए ममता बनर्जी ने कूचबिहार में एक रैली में आरोप लगाया कि “बीजेपी ने महिला आरक्षण विधेयक को आगे रखकर परिसीमन विधेयक पेश किया है।” उन्होंने कहा, “बीजेपी परिसीमन विधेयक के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या करीब 850 तक बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इससे देश टुकड़ों में बंट जाएगा।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले सप्ताह बीजेपी की एक रैली में उत्तर बंगाल के विकास को लेकर सही जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया, लेकिन हमने इस क्षेत्र के विकास पर 1.72 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।” बनर्जी ने मोदी से ऐसे बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करने को कहा।
लोकसभा में गुरुवार को संविधान का 131वां संशोधन विधेयक पेश किया गया जिसका उद्देश्य महिला आरक्षण कानून में संशोधन के साथ-साथ परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश (संशोधन) विधेयक में बदलाव करना है। इन विधेयकों के जरिए दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में संशोधित महिला आरक्षण कानून को लागू करने का प्रस्ताव है।
संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 की जाएगी। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। विपक्ष महिला आरक्षण के साथ है, लेकिन परिसीमन के कदम का विरोध कर रहा है।
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