बीजेपी संविधान नहीं, सावरकर और दीन दयाल उपाध्याय के विचारों को मानती है: शशि थरूर

शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने जो भी कहा है वह बीजेपी और आरएसएस का आधिकारिक विचार है

शशि थरूर ने ‘हिंदू पाकिस्तान’ वाले अपने बयान पर उठे विवाद पर कहा उन्होंने जो भी कहा है, वह बीजेपी और आरएसएस का विचार है। अगर बीजेपी हिंदू राष्ट्र के विचार को नहीं मानती है तो उसे इसकी घोषणा करनी चाहिए कि वे हिंदू राष्ट्र में विश्वास नहीं करते हैं।

कांग्रेस नेता और केरल से सांसद शशि थरूर ने ‘हिंदू पाकिस्तान’ वाले अपने बयान पर विवाद खड़ा करने को लेकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो भी कहा है, वह बीजेपी और आरएसएस का विचार है। अगर बीजेपी हिंदू राष्ट्र के विचार को नहीं मानती है तो उसे आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा करनी चाहिए कि वे हिंदू राष्ट्र नहीं, बल्कि एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में विश्वास करते हैं। बीजेपी की माफी की मांग पर पलटवार करते हुए कहा, “मैंने जो कुछ भी कहा है, वह बीजेपी और आरएसएस का आधिकारिक पक्ष है। अगर अब वे हिंदू राष्ट्र के विचार में विश्वास नहीं करते हैं तो उन्हें इसे स्वीकार करना चाहिए। लेकिन जब तक वे हिंदू राष्ट्र के विचार पर कायम रहेंगे तब तक कोई कैसे उनके विचार को सबके सामने रखने के लिए माफी मांग सकता है।”

इससे पहले एक पत्रिका से बात करते हुए थरूर ने कहा कि बीजेपी के नेता सावरकर, गोवलवकर और दीन दयाल उपाध्याय को अपना नेता मानते हैं। सावरकर और गोवलवकर ने हिंदू राष्ट्र के विचार को रखा और आगे बढ़ाया। बीजेपी के लोग देश के संविधान को नहीं मानते, वे इनके विचारों को मानते हैं। इसलिए इस बात का खतरा लगातार बना हुआ है कि वे अपनी विचारधारा के अनुसार देश को हिंदू पाकिस्तान बनाने जा रहे हैं। थरूर ने कहा कि वह तो केवल यह बता रहे हैं कि राष्ट्र के बारे में इन लोगों के क्या विचार हैं।

शशि थरूर ने कहा कि उन्होंने आरएसएस और बीजेपी नेताओं के विचारों को ध्यान से पढ़ा है। सावरकर ने हिंदू राष्ट्र का सिद्धांत दिया। अब बीजेपी ने संसद में उनकी तस्वीर लगाई है। बाद में दीन दयाल उपाध्याय ने भी सावरकर के विचार को आगे बढ़ाया। थरूर ने कहा कि पीएम मोदी ने हर मंत्रालय को दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर कार्यक्रम करने का आदेश दिया है। दीन दयाल उपाध्याय भारत के संविधान और उसमें दी गई भारत की परिभाषा को नकारते हैं और कहते हैं कि भारत का अर्थ हिंदुओं से है। और यही विचार वर्तमान केंद्र सरकार की है।

इस बीच थरूर के बयान पर छिड़े विवाद पर देश के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी उनके बचाव में आगे आए हैं। पूर्व राष्ट्रपति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि थरूर ने क्या कहा है, उन्होंने अब तक नहीं पढ़ा है। हामिद अंसारी ने कहा, “एक शिक्षित व्यक्ति हैं थरूर, उन्होंने जो भी कहा होगा, सोच-समझकर कहा होगा। अपनी बात, अपने विचार रखने का उन्हें पूरा अधिकार है।”

बता दें कि तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने बुधवार को कहा था कि अगर 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में बीजेपी जीती, तो हिंदुस्तान का संविधान खतरे में पड़ जाएगा और भारत 'हिंदू पाकिस्तान' बन जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत से देश के लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में पड़ जाएंगे। इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी की मांग की थी।

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