जनता को राहत देने में फेल बीजेपी-जेडीयू में तकरार, गिरिराज बोले- पटना में जलजमाव के लिए नीतीश जिम्मेदार

बिहार में बारिश के बाद बाढ़ को लेकर राजनीति चरम पर है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ अब सहयोगी पार्टी बीजेपी नेताओं ने भी मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पटना में हुए जलजमाव के लिए नीतीश कुमार और सुशील मोदी को जिम्मेदार ठहराया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बिहार की राजधानी पटना में जलजमाव को लेकर अब बीजेपी और जेडीयू के बीच तलवारें खींच गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने गठबंधन के सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने भारी बारिश के कारण पटना में हुए जलजमाव के लिए दोनों को जिम्मादार ठहराया है। इतना ही नहीं गिरिराज सिंह ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पटना के लोगों से पहले ही माफी मांग ली है।

उन्होंने आगे कहा, “भारी बारिश के बाद पटना में जो कुछ हुआ, उसके जिम्मेदार नीतीश कुमार और सुशील मोदी हैं। नीतीश कुमार 15 सालों से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजमान हैं। ऐसे में निश्चित तौर पर ताली सरदार को तो गाली भी सरदार को ही मिलती है। यही दुनिया की रीत है।

साथ ही राज्य सरकार के अधिकारियों पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “सरकार को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अगर आईएमडी और मौसम विभाग कार्यालय द्वारा पहले ही भारी बारिश की चेतावनी दी गई थी, तो अधिकारियों ने एहतिहात उपाय क्यों नहीं किए थे।” इससे पहले भी गिरिराज सिंह बाढ़ से निपटने के कमजोर उपायों को लेकर नीतीश कुमार पर हमला कर चुके हैं।

एनडीए का हिस्सा होने के साथ पटना में भी बीजेपी के कई सांसद हैं और वहां की जनता ने हम पर भरोसा किया है। जो बाढ़ आई है इसके लिए जनता नहीं हम जिम्मेदार हैं। हम (एनडीए) जनता से क्षमा मांगते हैं। उन्होंने आगे कहा, “मेरी पीड़ा पटना महानगर में बसे हुए लोगों को लेकर है, जिनका सारा सामान (जलजमाव में) बर्बाद हो गया है। हम पानी निकासी को लेकर सतर्क नहीं हो पाए। अगर हम सचेत हो जाते तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता।”

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अश्वनी कुमार चौबे ने पटना में हुए जलजमाव को प्राकृतिक आपदा बताया था। नीतीश कुमार ने जलवायु परिवर्तन का कारण मानते हुए कहा था कि राज्य में कभी सूखा और कभी भारी बारिश जलवायु परिवर्तन के कारण हैं।

बता दें कि 27 से 30 सितंबर के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने राज्य की राजधानी सहित प्रदेश के 15 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। इस तबाही में करीब 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

Published: 4 Oct 2019, 8:29 PM
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