महामहिम पद के लिए ओबीसी उम्मीदवार उतार सकती है BJP, राष्ट्रपति चुनाव के बहाने 2024 के लोकसभा चुनाव पर नजर

वर्तमान में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके, तमिलनाडु की राज्यापल तमिलिसाई सुंदरराजन और केरल राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का नाम भी संभावितों में है। झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का नाम भी बीजेपी से राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए सामने आ रहा है।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए तमाम अटकलों और नामों के बीच बीजेपी अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी या किसी महिला उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है। दरअसल बीजेपी की नजर 2024 के आम चुनाव पर है और उसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करेगी। कहा जा रहा है कि आम चुनाव में समाज का समर्थन जुटाने के लिए बीजेपी ऐसा कर सकती है।

ओबीसी और महिलाओं का देश की आबादी में सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व है। हालांकि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) या दक्षिण भारत के उम्मीदवार जैसे कई थ्योरी राजनीतिक हलकों में तैर रहे हैं। पार्टी सभी संभावनाओं को टटोलने और 2024 संसदीय चुनाव को नजर में रखकर ही उम्मीदवार को नामित करेगी।

जाति आधारित जनगणना की मांग के बीच, राजनीतिक दल जानते हैं कि ओबीसी देश की कुल आबादी का 40 प्रतिशत से अधिक है, जबकि महिलाएं भारत की आबादी का लगभग आधा हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि महिलाएं बीजेपी का नया वोटबैंक हैं। बीजेपी सूत्रों ने कहा कि पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए या तो ओबीसी या महिला को नामित कर सकती है या फिर महिला-ओबीसी उम्मीदवार उतार सकती है।

पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा कि सभी सामाजिक समीकरणों के बीच, एससी समुदाय से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की संभावना नहीं है क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद इसी समुदाय से आते हैं। उन्होंने कहा, "इस बार एससी समुदाय के किसी नेता को मौका दिए जाने की संभावना बहुत कम है। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए इस समय ओबीसी और महिलाओं को सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है।"


उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक सभी राज्यों में ओबीसी एक बड़ी ताकत है। हाल के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कुछ ओबीसी नेताओं के पार्टी से बाहर होने के बावजूद, बीजेपी को समुदाय से भारी समर्थन मिला। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बीजेपी के सहयोगी जेडीयू सहित लगभग सभी दलों ने ओबीसी समुदाय का विश्वास जीतने के लिए जाति आधारित जनगणना की मांग की है और उनमें से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को नामित करके पार्टी को अगले लोकसभा चुनाव और आगामी राज्य चुनावों में फायदा होगा।

पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, "महिला और ओबीसी दोनों स्वतंत्र रूप से देश में मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। पार्टी या तो व्यक्तिगत रूप से या एक साथ ओबीसी महिला उम्मीदवार को पद के लिए नामांकित करके उन्हें लुभाएगी।"

वर्तमान में, छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके, तमिलनाडु की राज्यापल तमिलिसाई सुंदरराजन और केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का नाम भी संभावितों में है। वहीं झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का नाम भी बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए सामने आ रहा है।

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