कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हर गांव में हुईं कम से कम 10 मौतें, स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट- BJP नेता का दावा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक नेता ने दावा किया है कि दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की जान गई। यह दावा बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने किया है।

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कितने लोगों की जान गई इस पर विवाद और बहस जारी है। कई जानकार सरकारी आंकड़ों पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक नेता ने दावा किया है कि दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की जान गई। यह दावा बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह ने किया है। जनसत्ता की खबर के मुताबिक उनका कहना है कि कोविड-19 की पहली लहर से सबक न लेने के कारण दूसरी लहर में हर गांव में कम से कम दस लोगों की मौत संक्रमण से हुई।
बीजेपी नेता शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने महामारी की पहली लहर से सबक नहीं लिया और इस वजह से दूसरी लहर में बड़ी संख्या में संक्रमितों की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि कोई ऐसा गांव नहीं है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण से 10 लोगों की जान न गई हो। उन्होंने संक्रमण से जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
बीजेपी नेता ने अपने ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बलिया जिले में स्वास्थ्य विभाग की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और आजादी के 75 वर्ष बाद 34 लाख आबादी वाले इस जिले के अस्पतालों में न डॉक्टर हैं और न दवाएं। पूर्व विधायक ने बलिया के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिछले दिनों दौरे के दौरान स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने उन्हें गुमराह किया है तथा सच्चाई नहीं दिखाई।
उन्होंने कहा कि किसान आज पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं तथा अन्नदाता अब खेती छोड़ने के लिए विवश हो गए हैं। सिंह ने कहा कि गेहूं खरीद पर सरकार ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) 1975 रुपये कर पिछले वर्ष की खरीद कीमत से केवल 72 रुपये की बढ़ोतरी की है, जबकि किसानों की लागत दोगुना बढ़ गई है।
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Published: 27 Jun 2021, 6:00 PM
