किसान आंदोलन को यूपी चुनाव तक खींचेगी बीजेपी, अखिलेश ने पूंजीपति मित्रों के लिए साजिश का लगाया आरोप

इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों और जनता के आक्रोश से डरकर बीजेपी में इस्तीफों का दौर आ गया है, क्योंकि बीजेपी का राजनीतिक के साथ सामाजिक बहिष्कार भी शुरू हो गया है। चौराहों पर नफरत बांटने वाले भाजपाई भूमिगत हो गए हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

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समाजवादी पार्टी (एसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर किसान आंदोलन को लंबा खींचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अपने पूंजीपति मित्रों के फायदे के लिए कृषि कानूनों के मुद्दे को उत्तर प्रदेश के चुनाव आने तक खींचने का कुचक्र रचेगी। लेकिन इस बार लोग झांसे में नहीं आने वाले हैं।

अखिलेश यादव ने सोमवार को मीना हैरिस का एक ट्वीट शेयर करते हुए कहा कि बीजेपी सरकार को देश की वैश्विक छवि खराब होने की भी चिंता नहीं है और हमारा मानना है कि वो अपने पूंजीपति मित्रों के फायदे के लिए कृषि कानूनों के मुद्दे को यूपी के चुनाव आने तक खींचने का कुचक्र रचेगी। लेकिन इस बार किसान गुमराह नहीं होंगे और बीजेपी को हरा के, हटा के ही दम लेंगे।

बता दें कि मीना हैरिस, अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी हैं और इस समय भारत में चल रहे किसानों के आंदोलन के समर्थन में उन्होंने कई ट्वीट किए हैं, जिसके बाद से वह बीजेपी कार्यकर्ताओं और कथित राष्ट्रवादी संगठनों के निशाने पर हैं। मीना हैरिस के किसानों का समर्थन करने के खिलाफ देश में कुछ संगठनों ने उनकी फोटो जलाई थी। मीना हैरिस ने इसी घटना की तस्वीर पोस्ट की थी।

इससे पहले किसानों के मुद्दे पर हमला करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा था कि बीजेपी सरकार की किसानों के प्रति क्रूरता और जनता के आक्रोश से डरकर बीजेपी में इस्तीफों का दौर आ गया है, क्योंकि बीजेपी का राजनीतिक के साथ सामाजिक बहिष्कार भी शुरू हो गया है। चौराहों पर नफरत बांटने वाले भाजपाई भूमिगत हो गए हैं। अब बीजेपी का नया नाम 'भूमिगत जनविरोधी पार्टी' होना चाहिए।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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Published: 08 Feb 2021, 4:00 PM