सूडान की सिरेमिक फैक्ट्री में भीषण धमाका, 18 भारतीयों समेत 23 की मौत, शवों की हालत शिनाख्त लायक भी नहीं बची

अफ्रीकी देश सूडान में एक सेरामिक फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 18 भारतीयों समेत 23 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 130 से जायादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। भारतीय दूतावास ने कहा है कि बुरी तरह जलने के कारण शवों की हालत शिनाख्त लायक नहीं है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सूडान में एक सेरामिक (चीनी मिट्टी) फैक्ट्री में हुए जोरदार विस्फोट में 18 भारतीयों समेत 23 लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में 130 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे में भारतीयों की मौत की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि उन्हें सूडान की राजधानी खार्तूम के बाहरी इलाके में स्थित सलूमी फैक्ट्री में भीषण विस्फोट की जानकारी मिली है, जिसमें 18 भारतीयों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।

इसी बीच, सूडान स्थित भारतीय दूतावास की ओर से कहा गया है कि शवों के जल जाने के कारण उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। भारतीय दूतावास ने इस हादसे में मारे गए भारतीयों की संख्या नहीं जारी की है, लेकिन दूतावास ने कहा है कि फिलहाल मिली रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में भारतीय मजदूरों समेत कई लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग जख्मी हुए हैं। वहीं, ये भी पता चला है कि उक्त फैक्ट्री में 50 से अधिक भारतीय मजदूर काम करते हैं।

यह हादसा अफ्रीकी देश सूडान की राजधानी खार्तूम में स्थित फैक्ट्री के एलीपीजी टैंकर में विस्फोट से हुआ। बताया जा रहा है कि सलूमी फैक्ट्री में विस्फोट उस समय हुआ, जब वहां एक टैंकर गैस अनलोड कर रहा था। हादसे के बाद घायलों को खार्तूम, उत्तरी खार्तूम और पास के कुछ शहरों के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसे को देखते हुए सेंट्रल कमेटी ऑफ सूडानी डॉक्टर्स ने सभी मेडिकल कर्मचारियों से अपील की है कि वे फौरन अस्पताल पहुंचें और वहां धमाके के पीड़ितों का इलाज करें।

स्थानीय लोगों के मुताबिक विस्फोट इतना भीषण था कि इलाके में कई किलोमीटर दूर तक आसमान में काला धुंआ और आग की लपटें छा गईं, जिससे वहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद पास की कई फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया है और वहां काम करने वालों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। इस बीच हादसे के कारणों के बारे में आ रही शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटनास्थल पर सुरक्षा के जरूरी उपकरण नहीं थे। इसके अलावा वहां पर ज्वलनशील पदार्थों का अनुचित तरीके से भंडारण किया गया था, जिससे आग काफी तेजी से फैल गई। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

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