कर्नाटक में पीएम मोदी के समर्थन से बोम्मई को मिली राहत, नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा पर लगा विराम

पिछले दिनों कई बीजेपी नेताओं ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बोम्मई पर निशाना साधा और उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल पर सवाल उठाया। एमएलसी चुनावों में मिले-जुले परिणाम, लिंगायत बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी विफलता ने कई सवाल खड़े किए।

फोटोः IANS
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नवजीवन डेस्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कर्नाटक यात्रा के बाद मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि इससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहों पर विराम लग गया है। पीएम मोदी ने एक जनसभा में बोम्मई की तारीफ की और संदेश दिया कि बोम्मई के नेतृत्व में राज्य में विकास गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं पर एक तरह से विराम लग गया।

पीएम मोदी ने कहा कि बोम्मई के नेतृत्व में कर्नाटक नई ऊंचाइयों को छुएगा और केंद्र सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि मोदी द्वारा दिया गया संदेश स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि राज्य पहले ही चुनावी वर्ष में प्रवेश कर चुका है।


पिछले दिनों कई बीजेपी नेताओं ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बोम्मई पर निशाना साधा, उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल पर सवाल उठाया। एमएलसी चुनावों में मिले-जुले परिणाम, लिंगायत बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी विफलता ने कई सवाल खड़े किए। हालांकि, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके साथ खड़ा रहा। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि आगामी विधानसभा चुनाव बोम्मई के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

जगदीश शेट्टार, जिन्होंने बोम्मई को अपना जूनियर बताते हुए कैबिनेट का पद लेने से इनकार कर दिया था, अभी भी उनसे दूरी बनाए हुए हैं। बीजेपी के अहम जनाधार बेलगावी जिले में राजनीतिक खींचतान अभी सुलझनी बाकी है। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि मोदी के भाषण ने एक स्पष्ट संदेश दिया कि एक साल से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए नेतृत्व परिवर्तन के बजाय विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।

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