Budget 2026: विपक्ष के नेताओं ने बजट को बताया जुमलाबाजी, कहा- 11 साल में कुछ नहीं मिला
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले ग्यारह साल में भारत देश की तमाम उम्मीदों को लगातार तोड़ा है। बजट आम आदमी की जेब को कैसे मजबूत कर सकता है, वह बजट होना चाहिए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 को विपक्ष ने जुमलाबाजी बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 11 सालों में कुछ नहीं किया है, तो इस बार क्या करेंगी।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजाला ने कहा, "देखिए, उम्मीद तो अच्छी करनी चाहिए। हम तो उम्मीद करते हैं कि जो बेरोजगार नौजवान है, उसके रोजगार का कुछ सोचा होगा सरकार ने और किसान के हित के लिए कुछ काम किया होगा। कई ऐसे राज्य हैं जिन पर कर्ज ज्यादा हो गया है, उसके बारे में सोचना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि पंजाब को सबसे ज्यादा आशा है। पंजाब के ऊपर बहुत कर्जा है। हम उम्मीद करते हैं कि पंजाब के कर्जा माफी का इन्होंने कोई प्रावधान किया होगा और उसके अलावा बॉर्डर की तरफ से पर बहुत ज्यादा ड्रग्स और ड्रोन के माध्यम से हथियार आ रहे हैं। इसको भी रोकने के लिए कुछ इंतजाम किया जा रहा होगा। बजट में सुरक्षा के लिए आधुनिक हथियार और टेक्नोलॉजी होना बहुत जरूरी है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले ग्यारह साल में भारत देश की तमाम उम्मीदों को लगातार तोड़ा है। बजट आम आदमी की जेब को कैसे मजबूत कर सकता है, वह बजट होना चाहिए। लेकिन हर साल जब भी बजट आया है, उसने इस देश की गरीब जनता की जेब को ढीला कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बजट आने से महज कुछ महीने पहले जिस तरह इन्होंने मनरेगा को बर्बाद करने की साजिश की है, उससे इस देश के गरीब मजदूरों की कमर पहले ही तोड़ दी है, तो ऐसे में इस बजट से कोई बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। देखते हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या-क्या देश को देती है। जनता की समस्याओं को कितना ध्यान में रखा जाता है।
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पिछले कई साल से उम्मीद पर बैठे हुए हैं। दो करोड़ नौकरियां, हर साल के पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए हर अकाउंट में आने की, कालाधन वापस लाने की, बुलेट ट्रेन की। देखते हैं आज क्या फिर फेंका जाता है, कौन सा जुमला आता है। भाजपा सरकार ने इससे पहले भी जो वादे किए थे, उसे पूरा नहीं किया है, तो इस बार भी उम्मीद नहीं लगाई जा सकती है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘(बजट संबंधी) दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट (के भाषण के) बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘भाषण भी पारदर्शी नहीं था, क्योंकि इसमें प्रमुख कार्यक्रमों और योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी गई।’’
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह बजट आम लोगों के लिए नहीं, बल्कि बड़े कॉरपोरेट के लिए है।
उन्होंने यह दावा भी किया, ‘‘यह बजट केरल के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। पिछले 10 वर्षों से केरल के लिए एम्स को लेकर वादे किए जा रहे हैं, लेकिन इस बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं है।’’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर तंज कसते हुए कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो लोगों को लोहे पर पीतल चढ़ाकर गहने पहनने पड़ेंगे।
उन्होंने दावा किया, ‘‘बुनियादी मुद्दे, शिक्षा और स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ किया गया है... अगर हम सच में विकसित भारत का सपना देखना चाहते हैं, तो हमें शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत ज़्यादा बजट देना होगा। यह समझ से बाहर का बजट है। सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब भाजपा से उम्मीद नहीं है तो फिर बजट से क्या उम्मीद करेंगे। आम जनता को निराशा किया है। किसी को राहत देने वाला बजट नहीं है। यह सिर्फ पांच प्रतिशत लोगों के लिए बजट है।’’
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि वित्त मंत्री ने 85 मिनट का बजट भाषण दिया, लेकिन एक बार भी पश्चिम बंगाल का नाम नहीं लिया।
उन्होंने कहा, ‘‘बजट किसान, युवाओं और रोजगार सृजन को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई। किसी समुदाय के लिए कोई समाधान नहीं दिया गया। यह बजट आधारहीन है और इसमें कोई दृष्टिकोण भी नहीं है।’’
बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके मंत्री बंगाल को बांग्लादेश के नजरिये से देखते हैं।
Google न्यूज़, नवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia