बुलंदशहर हिंसा: मारे गए इंस्पेक्टर के बेटे ने कहा, धर्म के नाम पर हिंसा के खिलाफ थे मेरे पिता

बुलंदशहर हिंसा मामले में एसआईटी की जांच जारी है। पुलिस ने इस मामले में बजरंग दल के नेता योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया है। पुलिस ने अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार लोगों को हिरासत में लिया है। 80-90 लोग इस मामले में आरोपी बनाए गए हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
i

बुलंदशहर हिंसा मामले में एसआईटी की जांच जारी है। इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल के नेता योगेश राज को मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 2 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिंसा के आरोप में बजरंग दल के नेता योगेश राज के साथ 80-90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से 27 लोग नामजद हैं और 50-60 लोग अज्ञात हैं।

बुलंदशहर हिंसा मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज किए हैं। एक एफआईआर कथित मवेशी वध को लेकर और दूसरी एफआईआर हिंसा करने वालों के खिलाफ दर्ज की गई है। एफआईर में कहा गया है कि मुख्य आरोपी योगेश राज भीड़ को बार-बार उकसा रहा था, जिसकी वजह से भीड़ उग्र हो गई।

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार कि एसआईटी को कहा गया है कि वह इस बात की जांच करे कि आखिर हिंसा क्यों हुई है और हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को अकेला क्यों छोड़ दिया गया। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने अखलाक हत्याकांड की जांच की थी। इस तरह की बातें सामने आ रही हैं कि बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को जानबूझकर टारगेट किया गया और साजिश के तहत उनकी हत्या की गई है। फिलहाल एसआईटी मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

बुलंदशहर हिंसा मामले में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के बेटे का भी बयान आया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरे पिता चाहते थे कि मैं एक अच्छा नागरिक बनूं। वे धर्म के नाम पर समाज में हिंसा को बढ़ावा देने के खिलाफ थे। आज मेरे पिता ने हिंदू-मुस्लिम विवाद में अपना जीवन खो दिया, कल किसके पिता अपना जीवन खोएंगे?”

बुलंदशहर हिंसा पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह एक चौंकाने वाली बात है कि भीड़ ने उस पुलिस अधिकारी को मार डाला जो अखलाक हत्याकांड की जांच कर रहे थे। किसने भीड़ को हाथ में कानून लेने की इजाजत दी। राज्य की देखभाल करने के बजाय सीएम योगी आदित्यनाथ तेलंगाना जा रहे हैं और जहर उगल रहे हैं।”

बुलंदशहर हिंसा पर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर वहां मवेशी के अवशेष मिले थे तो पुलिस को इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि वहां अवशेष कौन लेकर गया। उन्होंने कहा कि जहां हिंसा हुई है वहां पर अल्पसंख्यकों की आबादी नहीं है।

गौरतलब है कि अवैध बूचड़खानों के विरोध में बुलंदशहर के चिंगरावठी इलाके में सोमवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में आगजनी और तोड़फोड़ की थी। सड़क पर भी कई वाहन फूंक दिए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान पुलिस को बचाव में हवाई फायरिंग करनी पड़ीं थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की ओर से चली गोली में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गई थी।

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए


Published: 04 Dec 2018, 10:48 AM