बुराड़ी कांड: जीवित बचे सदस्यों ने ‘सामूहिक आत्महत्या’ को बताया बकवास, कर सकते हैं सीबीआई जांच की मांग

बुराड़ी कांड में परिवार के जीवित बचे सदस्य इस मामले को सामूहिक आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि पुलिस और मीडिया इस मामले में जांच भटकाने का काम कर रही है। परिवार के सबसे बड़े बेटे दिनेश ने कहा है कि जरूरत पड़ी को वे इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करेंगे।

फोटो : विक्रांत झा
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विक्रांत झा

दिल्ली के बुराड़ी में अगर 11 लोगों की रहस्यमयी मौत को पुलिस ने सामूहिक आत्महत्या ठहराया तो इस परिवार के बचे हुए बेटे दिनेश सिंह चंडावत सीबीआई जांच की मांग करेंगे। 61 साल के चंडावत ने गुरुवार को यह ऐलान किया। उन्होंने इस मामले में अब तक हुई पुलिस जांच से असहमति जताते हुए पुलिस और मीडिया द्वारा इस मामले में ध्यान भटकाने की कोशिशों का आरोप लगाया।

नेशनल हेरल्ड के साथ राजस्थान के चित्तौड़ से फोन पर बात करते हुए दिनेश चंडावत ने कहा कि, “जो डायरी पुलिस मीडिया में बांट रही है, उसमें लिखी इबारत उसके भाई ललित की हैंडराइटिंग से नहीं मिलती। मुझे भी पुलिस ने यह डायरी दिखाई है और मुझे नहीं लगता कि यह मेरे भाई की हैंडराइटिंग है।”

दिनेश सिंह चंडावत और उनकी बहन सुजाता ही इस परिवार के जीवित सदस्य बचे हैं। दोनों ही इस घटना को सामूहिक आत्महत्या मानने को तैयार नहीं है। उनके मुताबिक उनका परिवार किसी भी किस्म के अंधविश्वास को नहीं मानता था।

उन्होंने कहा कि, “मैं इस परिवार का सबसे बड़ा बेटा हूं और कैसे मैं इस बात को नहीं जान सकता कि मेरे भाई की मेरे पिता की आत्मा के साथ बातचीत होती थी।” उन्होंने कहा कि क्या ऐसा हो सकता है कि न तो मेरी मां और न ही कोई भाई बहन इस बारे में मुझे न बताते।

दिनेश ने मीडिया में आ रहीं उन खबरों को भी खारिज किया जिसमें कहा जा रहा है कि ललित ने उनकी भतीजी प्रियंका की मंगनी का श्रेय अपने स्वर्गवासी पिता को दिया था। प्रियंका की इसी साल नवंबर में शादी होना तय हुई थी। प्रियंका मांगलिक है, जिसे आमतौर पर अशुभ माना जाता है, फिर भी उसकी 17 जून को मंगनी हुई थी। दिनेश ने कहा कि, “मेरी बेटी भी मांगलिक है, तो क्या मेरे पिता की आत्मा मेरे पास भी नहीं आती।” उन्होंने अपने भाई ललित की उनके मृत पिता की आत्मा के साथ संवाद को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता एकदम सामान्य व्यक्ति थे।

दिल्ली पुलिस ने दिनेश से भी करीब घंटा भर पूछताछ की थी। उनके मुताबिक पूछताछ के दौरान पुलिस ने इसे रहस्यमयी हत्याकांड बताया और उनसे हत्या के पीछे के मकसद जानने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि, ”मेरा मानना है कि पुलिस भी हत्या के ही मामले की जांच कर रही है, और अगर वे इस नतीजे पर पहुंचते हैं कि यह सामूहित आत्महत्या का मामला है तो मैं निश्चित तौर पर इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करूंगा।”

उन्होंने परिवार के कारोबारी होने की बात के साथ ही यह भी बताया कि पूरा परिवार शिक्षित था। उन्होंने कहा कि, “मैंने दस साल तक सऊदी अरब की एक पेंट कंपनी में काम किया है, मेरी एक भतीजी ने स्कूल टॉप किया था। बाकी बच्चे भी पढ़ने में तेज हैं। ऐसी कोई वजह नहीं है कि परिवार किसी अंधविश्वासी कर्मकांड में शामिल था। मीडिया में जो भी आ रहा है, मुझे या मेरी जीवित बची बहन को इस बारे में जरा भी भनक नहीं है।”

“हम सब लोग प्रियंका की शादी को लेकर काफी उत्साहित थे और उसकी शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे।” यह बताते-बताते दिनेश सिसक पड़े। यह पूछने पर कि इस घटना का उनकी बहन पर क्या असर हुआ है, उनका कहना था कि शायद वह इस गम को सहन न कर सके।

इस बीच मीडिया में पुलिस ने जो सीसीटीवी फुटेज लीक किया है जिसमें परिवार के लोग पांच स्टूल ले जाते देखे गए हैं। इन्हीं पांच स्टूलों पर परिवर के 10 सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या की है, जबकि सबसे बुजुर्ग परिवार की मां नारायणी देवी का शव उनके कमरे में जमीन पर मिला था।

पुलिस का कहना है कि पूरा परिवार किसी धार्मिक कर्मकांड में शामिल था और कुछ क्रियाएं गलत हो गईं, जिसमें सबकी जान चली गई। कहा जा रहा है कि मारे गए लोगों में से एक ललित अपने पिता की आत्मा से बातचीत के बाद ही परिवार और कारोबार के बारे में सारे फैसले करता था। उसी ने कथित तौर पर इस कर्मकांड के लिए परिवार को राजी किया और उन्हें आश्वासन दिया कि कोई भी मरेगा नहीं, और आखिरी वक्त में उन्हें बचा लिया जाएगा।

एक पुलिस अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, “ललित को यह भ्रम था कि वह अपने मृत पिता से बातचीत करता है। वह इस आभासी बातचीत के नोट्स बनाता था। डायरी में लिखी गई बातें और घटनाक्रम अद्भुत तौर पर आपस में मिलता है।”

उधर दिनेश चंडावत ने अपील की कि मीडिया में परिवार के नाम गलत छापे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मां का सही नाम नारायण कंवर, भाइयों का नाम भवनेश सिंह चंडावत और ललित सिंह चंडावत और भाभियों का सविता चंडावत और टीना चंडावत, बहन का नाम प्रतिभा, भतीजियों का नाम प्रियंका निधि कंवर और मोनिका कंवर और भतीजों का नाम दुष्यंत सिंह चंडावत और धीरेंद्र सिंह चंडावत था।

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