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CAA: नाटक को लेकर शाहीन स्कूल के बच्चों से हुई पूछताछ पर बाल आयोग ने खड़े किए सवाल, कर्नाटक पुलिस को लगाई फटकार

कर्नाटक के बीदर में 9 साल के बच्चे की विधवा मां की सीएए विरोधी प्रदर्शनों के चलते देशद्रोह केमामले में पूछताछ और गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कर्नाटक बाल अधिकार कमीशन नेकड़ा रुख अपनाया है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सीएए विरोधी नाटक का मंचन करने के मामले में कर्नाटक के बीदर में पुलिसकर्मियों ने कई बार शाहीन स्कूल में छात्रों से पूछताछ कर चुकी हैं। वहीं बच्चों से लगातार पुलिस की पूछताछ पर कर्नाटक बाल अधिकार कमीशन ने कड़ा रुख अपनाया है। कमीशन ने जिला पुलिस को कई नियमों और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

कर्नाटक स्टेट कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के चेयरमैन डॉक्टर एंटोनी सेबेस्टियन ने बीदर पुलिस के अधिकारियों को एक पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखृ है कि शाहीन प्राइमरी स्कूल में पुलिस जांच के नाम पर ‘डर का माहौल’ बनाया जा रहा है। पुलिस को तुरंत स्कूली बच्चों से पूछताछ बंद कर देनी चाहिए।


केएसपीसीआर का कहना है कि 30 जनवरी को महिला और स्कूल की हेड मिस्ट्रेस की गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने महिला के 9 साल के बच्चे की निगरानी पड़ोसी से करायी। जबकि इस घटनाकी जानकारी स्थानीय चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी को भी सूचित नहीं किया गया। जो कि नियमों का उल्लंघन है।

चाइल्ड राइट कमीशन के अध्यक्ष एंटोनियो सेबेस्टियन ने बताया कि पुलिसकर्मियों द्वारा जो बच्चों से पूछताछ की तस्वीरें सामने आ रही है, वो चिंताजनक है। जिस समच बच्चों से पूछताछ हुई उस दौरान बच्चों के परिजन मौजूद नहीं थे। ऐसे में बच्चों में मन में डर का माहौल पैदा हो सकता है। कमीशन के अधिकारियों के मुताबिक पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के बाद कई बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। केएसपीसीआर ने बीदर पुलिस को कहा, “जब कोर्ट में बच्चे की मां की जमानत अर्जी पर सुनवाई हो तो पुलिस बच्चे के बारे में भी कोर्ट को बताए।”


बता दें कि देशद्रोह का यह मामला बीदर के शाहीन शिक्षा संस्थान के खिलाफ दर्ज किया गया था। आरोप था कि इस स्कूल में सीएए और एनआरसी के खिलाफ एक नाटक का मंचन किया गया था और इस दौरान पीएम मोदी को अपमानित किया गया था। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश रक्ष्याल की शिकायत पर की गई।

नीलेश रक्ष्याल शिकायत में कहा था कि नाटक में छोटे-छोटे बच्चे इस तरह की बात करते हुए नज़र आए कि सीएए और एनआरसी के लागू होने से देश के मुसलमानों को हिंदुस्तान से बाहर निकाल दिया जाएगा। इसी क्रम में नाटक में एक बच्ची अपनी बात रखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ असभ्य भाषा बोलते हुए नजर आई थी। इस शिकायत के बाद देशद्रोह का मामले में एक बच्चे की मां और एक स्कूल प्रिसिंपल को गिरफ्तार किया गया था।

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