CAA Protest: सदफ जाफर और एसआर दारापुर को मिली जमानत, कोर्ट में पुलिस ने माना- नहीं है कोई सबूत

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व आईजी एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जाफर को लखनऊ की एक कोर्ट से जमानत मिल गई है। इनके साथ ही कोर्ट ने एक्टिविस्ट पवन अंबेडकर को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी विरोध के दौरान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए प्रदर्शन को लेकर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस प्रवक्ता सदफ जाफर, पूर्व आईजी एसआर दारापुरी और एक्टिविस्ट पवन अंबेडकर को कोर्ट से जमानत मिल गई है। इन सभी को 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लखनऊ में हुए प्रदर्शन के बाद गिरफ्तार किया गया था और सभी पिछले 14 दिन से जेल में बंद थे।

मिली जानकारी के अनुसार इन सबी को लखनऊ की एक सत्र न्यायालय से जमानत मिली है। तीनों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उस समय प्रदेश सरकार और यूपी पुलिस की फजीहत हो गई, जब सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य के बारे में पूछा तो सरकारी वकील ने कोर्ट में स्वीकार किया इन सभी में से किसी के खिलाफ हिंसा फैलाने का कोई भी सबूत पुलिस के पास नहीं है। साथ ही पुलिस ने ये भी स्वीकार किया है कि प्रदर्सन के दौरान इन सभी के किसी तरह की हिंसा में शामिल होने का कोई वीडियो फुटेज भी पुलिस के पास नहीं है।


बता दे कि लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जाफर को पुलिस ने 19 दिसंबर को लखनऊ के एक इलाके में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया था। खास बात ये है कि गिरफ्तारी के समय जाफर फेसबुक लाइव कर रही थीं, जिसमे साफ दिख रहा था कि झड़प के दौरान वह पुलिस की तरफ थीं और बार-बार पुलिस अधिकारियों से पत्थर फेंकने वालों और उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही थीं। तभी इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और गिरफ्तार कर लिया। बाद में पुलिस हिरासत में जाफर को पुरुष पुलिसकर्मियों लातों और डंडों से बेरहमी से पीटने की भी खबरें आई थीं, जिससे पुलिस ने इनकार किय़ा था और दावा किया था कि उनके पास सदफ की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के पर्याप्त सबूत हैं।

इसी तरह पुलिस ने लखनऊ के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी को नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से पहले ही से घर में नजरबंद रखने के बाद पूछताछ के नाम पर थाने ले जाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इन दोनो के साथ ही एक्टिविस्ट पवन अंबेडकर को भी इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अब कोर्ट के सामने पुलिस ने इन सबी के खिलाफ किसी भी तरह के साक्ष्य होने से इनकार कर दिया है। इन सबी की गिरफ्तारी को लेकर लखनऊ से दिल्ली तक काफी विरोध हुआ था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने लखनऊ पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद लखनऊ में एसआर दारापुरी के घर जाकर उनकी पत्नी से मुलाकात की थी। प्रियंका गांधी ने सदफ जाफर के घर जाकर उनके बच्चों से भी मुलाकात की थी।

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Published: 03 Jan 2020, 5:26 PM
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