गुलमर्ग में हवा में अटकी केबल कार, सैकड़ों पर्यटकों की अटकी सांसें, सेना की मदद से किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
गुलमर्ग में रेस्क्यू ऑपरेशन पर जम्मू-कश्मीर के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी ने कहा, "मैं चीफ मिनिस्टर के कहने पर यहां आया था। ऑपरेशन लगभग पूरा हो गया है। सभी लोग सुरक्षित हैं। वहां 260 टूरिस्ट, 63 केबिन थे, और सभी केबिन से लोगों को निकाल लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। दरअसल गोंडोला सेवा के नाम चर्चित एक विशाल केबल कार सोमवार को तकनीकी खराबी आने के बाद हवा में ही अटक गई, जिससे करीब 260 पर्यटक हवा में फंस गए। राहत की बात रही कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और भारतीय सेना की मदद से सभी फंसे पर्यटकों को सुरक्षित उतार लिया गया, जिससे सभी ने राहत की सांस ली।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। उमर ने कहा कि सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित टीम बचाव अभियान का संचालन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि केबल कार प्रणाली को बहाल करने का काम फिलहाल जारी है।
गुलमर्ग गोंडोला में रेस्क्यू ऑपरेशन पर जम्मू-कश्मीर के डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुरिंदर चौधरी ने कहा, "मैं चीफ मिनिस्टर के कहने पर यहां आया था। ऑपरेशन लगभग पूरा हो गया है। सभी लोग सुरक्षित हैं। वहां 260 टूरिस्ट, 63 केबिन थे, और सभी केबिन से लोगों को निकाल लिया गया है। आर्मी, एसडीआरएफ, लोकल लोगों और पुलिस ने इसमें अहम रोल निभाया है। सभी लोगों को निकाल लिया गया है। वहां का रास्ता बहुत कीचड़ भरा है, इसलिए लोग ऊपर से पैदल नीचे आ रहे हैं... घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। सब ठीक है। सभी टूरिस्ट सुरक्षित हैं। मैं चीफ मिनिस्टर को पूरी रिपोर्ट दूंगा और वे इस पर कदम उठाएंगे। क्या हुआ और कैसे हुआ, यह जांच के बाद पता चलेगा।"
गोंडोला सेवा ठप होने के कारण पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए। इस स्थिति में सेना ने मोर्चा संभाला और खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी परिस्थितियों के बीच तेजी से राहत दलों को प्रभावित इलाके में भेजा। सेना के अनुसार, सेना की टीमों ने यहां फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष अभियान चलाया। सेना ने अपने ऑल-टेरेन व्हीकल यानी एटीवी भी तैनात किए, जिससे कठिन रास्तों में राहत कार्यों को गति मिली।
दरअसल, सोमवार को गुलमर्ग गोंडोला की बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच सेवा तकनीकी खराबी के कारण अचानक रुक गई थी। इससे कई पर्यटक हवा में लटकी केबल कारों में फंस गए। जम्मू-कश्मीर पुलिस और गोंडोला प्रबंधन प्राधिकरण से सहायता मांगे जाने का संदेश मिलते ही भारतीय सेना तुरंत सक्रिय हो गई। बुटापथरी बटालियन क्षेत्र से विशेष बचाव दल रवाना किए गए, जिन्होंने खराब मौसम के बावजूद तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
सेना के साथ-साथ एसडीआरएफ और अन्य नागरिक एजेंसियों ने भी संयुक्त अभियान चलाया। राहत कार्य को और तेज करने के लिए गुलमर्ग एटीवी एसोसिएशन की अतिरिक्त गाड़ियों को भी लगाया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि गोंडोला सेवा को सामान्य होने में समय लगने की संभावना जताई गई थी। ताजा जानकारी के अनुसार, तकनीकी खराबी से कुल 65 केबल कार प्रभावित हुईं। राहत टीमों ने फेज-1 की ओर से 14 केबल कारों को खाली कराकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि बेस स्टेशन की ओर से 12 केबल कारों से लोगों को बचाया गया।
तकनीकी विशेषज्ञ अब गोंडोला प्रणाली में आई खराबी की जांच कर रहे हैं, जबकि बचाव और सहायता अभियान लगातार जारी है। इस खराबी के कारण घने बादलों, ठंडी हवाओं और खराब मौसम के बीच जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में सोमवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। प्रसिद्ध गुलमर्ग गोंडोला सेवा में आई इस तकनीकी खराबी से कई लोग परेशान हो गए। गोंडोला के बेस स्टेशन से फेज-1 कोंगडोरी के बीच सेवाएं अचानक रुक गईं।
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