बंगाल-असम चुनाव के दूसरे चरण का प्रचार थमा, 1 अप्रैल को नंदीग्राम में भी वोटिंग, ममता-शाह ने झोंकी ताकत

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए आज प्रचार थम गया। इस चरण में 1 अप्रैल को असम की 39 और बंगाल की 30 सीटों के लिए मतदान होगा। बंगाल में इसी चरण में नंदीग्राम में भी चुनाव है, जहां से ममता बनर्जी और बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी की साख दांव पर है।

फोटोः स्क्रीनशॉट
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नवजीवन डेस्क

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की सीटों पर प्रचार का शोर आज शाम 5 बजे थम गया। दोनों ही राज्यों में दूसरे चरण के लिए 1 अप्रैल यानी गुरुवार को वोट डाले जाएंगे। इस चरण में बंगाल की 30 सीटों पर मतदान होना है, जहां से 171 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं इस चरण में असम की 39 सीटों पर मतदान होना है, जिन पर 345 उम्मीदवार मैदान में हैं। बंगाल में जहां ममता के सामने साख बचाने की चुनौती है, वहीं असम में बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में चार जिलों की कुल 30 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इनमें नौ सीट पूर्वी मेदिनीपुर जिले की हैं, जबकि 8 सीट बांकुरा, 9 सीटें पश्चिमी मेदिनीपुर और 4 सीट साउथ 24 परगना जिले की हैं। पिछले चुनाव में इन इलाकों में टीएमसी ने क्लीन स्वीप किया था, लेकिन इस बार समीकरण काफी बदला हुआ है। बंगाल फतह की कोशिशों में लगी बीजेपी को इस इलाके से काफी उम्मीदें हैं। दूसरे चरण की सीटों पर मतुआ समुदाय का वोट काफी अहम है।

बंगाल के इसी चरण में नंदीग्राम का महासंग्राम

बंगाल में दूसरे चरण में प्रमुख चेहरों की बात करें तो इसी चरण बंगाल की सबसे हाई प्रोफाइल सीट मानी जा रही नंदीग्राम में भी चुनाव होना है, जहां से टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने उनके ही पूर्व सहयोगी शुभेंदु अधिकारी बीजेपी से हैं। ऐसे में नंदीग्राम में ममता की साख के साथ ही शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी की पूरी प्रतिष्ठा भी भी दांव पर लगी हुई है, क्योंकि नंदीग्राम अधिकारी का गढ़ माना जाता है, जहां से उन्हें चुनौती देने के लिए ममता ने चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

नंदीग्राम के अलावा इस चरण में कई और अहम विधानसभा सीट हैं, जिन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। इनमें से एक डेबरा विधानसभा सीट भी है, जहां से इस बार दो पूर्व आईपीएस आमने-सामने हैं। बीजेपी ने डेबरा से पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष को चुनावी मैदान में उतारा है तो वहीं टीएमसी ने पूर्व आईपीएस हुमायूं कबीर को यहां से टिकट दिया है। भारती जहां 2019 में बीजेपी से घाटाल से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं, वहीं हुमायूं कबीर ने कुछ महीने पहले पद से इस्तीफा देने के साथ ही आईपीएस से भी रिजाइन कर राजनीति में कदम रखा है।

असम में इन दिग्गजों की किस्मत दांव पर

असम की बात करें तो यहां दूसरे चरण की 39 सीटों के लिए 345 उम्मीदवार मैदान में हैं। असम में बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए और कांग्रेस गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। कांग्रेस इस बार बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट्र, ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और लेफ्ट पार्टियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है, बीजेपी, असम गणपरिषद के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी है।

असम के दूसरे चरण के चुनाव में बीजेपी के साथ सभी पार्टियों के कई दिग्गजों की की साख दांव पर लगी है। इस चरण में ढ़ोलाई से बीजेपी सरकार के मंत्री परीमल सुकलावैद्य, रंगिया से भावेश करलिता, जागीरोड से पिजुष हजारिक और सोनाई से विधानसभा उपाध्यक्ष अमिनुल हक लस्कर की किस्मत दांव पर है। इनके अलावा कमलापुर से दिगंत कालिता, मोरीगांव से रमाकांत देवरी, ब्रह्मपुर से जीतु गोस्वामी, काटीगोड़ा से गौतम रॉय, हाफलांग से नंदिता गारसोला और नलबाड़ी से जयंत मल्ला बरुआ चुनाव मैदान में हैं।

ममता, अमित शाह सबने झोंकी ताकत

बंगाल और असम में इस चरण के प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। खुद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी रविवार से ही नंदीग्राम में डेरा जमाए हुए हैं। आज प्रचार के आखिरी दिन उन्होंने ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां की और रोड शो भी किया। ममता ने कहा है कि वह एक अप्रैल को वोटिंग होने तक नंदीग्राम में ही रहेंगी और वोटिंग के बाद यहां से जाएंगीं।

दूसरी ओर प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार को यहां से बीजेपी ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी। प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी नंदीग्राम में आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीजपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में रैली और रोड शो किया। इसके अलावा हाल में बीजेपी में शामिल हुए दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने भी प्रचार के आखिरी दिन रोड शो कर माहौल बनाने की कोशिश की।

असम में सभी दलों ने प्रचार के आखिरी दिन लगाई ताकत

असम की बात करें तो दूसरे चरण के प्रचार के आज आखिरी दिन सभी पार्टियों के स्टाप प्रचारकों ने अपनी ताकत झोंकी। बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, वरिष्ठ नेता हिमंत बिस्वा शर्मा ने कई रैलियां कीं और रोड शो किया। वहीं विपक्षी गठबंधन की ओर से वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल सहित स्टार प्रचारकों ने असम के विभिन्न हिस्सों में आज कई सार्वजनिक सभाओं को संबोधित किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी आज असम पहुंचना था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से उनका कार्यक्रम रद्द हो गया।

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