झारखंड के साहिबगंज में अवैध माइनिंग स्कैम में CBI के छापे, इन लोगों के ठिकानों की ली गई तलाशी

बताया जा रहा है कि एसबीआई के सीएसपी से बड़े पैमाने पर संदिग्ध कैश ट्रांजैक्शन हुआ है। इसका संबंध अवैध खनन घोटाले से हो सकता है।

फोटो: IANS
i
user

आईएएनएस

google_preferred_badge

झारखंड के साहिबगंज में अवैध माइनिंग स्कैम की जांच कर रही सीबीआई ने गुरुवार को सीएम हेमंत सोरेन के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र बरहेट में चार ठिकानों पर छापेमारी की।

एजेंसी की टीमों ने बरहेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की सीएसपी संचालक बबीता देवी, उनके पति दीपक ठाकुर, पेटखस्सा गांव में मनोज दास, डुमरिया में मोहरम अंसारी और भागाबांध में कुर्बान अंसारी के ठिकानों की तलाशी ली है।

बताया जा रहा है कि एसबीआई के सीएसपी से बड़े पैमाने पर संदिग्ध कैश ट्रांजैक्शन हुआ है। इसका संबंध अवैध खनन घोटाले से हो सकता है। सीबीआई की टीम ने एसबीआई की बरहेट बाजार शाखा के मैनेजर से भी इस संबंध में आवश्यक जानकारी ली।

दरअसल, साहिबगंज का माइनिंग स्कैम ईडी की छापेमारियों के बाद उजागर हुआ था। ईडी के मुताबिक साहिबगंज में अवैध माइनिंग के कारोबार के जरिए करीब 1,250 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। इस मामले में ईडी ने एक दर्जन से ज्यादा अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा है।


जेल में बंद अभियुक्तों में सीएम हेमंत सोरेन के विधानसभा क्षेत्र प्रतिनिधि पंकज मिश्रा भी शामिल हैं। ईडी ने मामले में जांच बढ़ाते हुए 3 जनवरी को भी एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर बीते अगस्त महीने से सीबीआई ने भी जांच शुरू की है।

कोर्ट ने यह आदेश विजय हांसदा नामक व्यक्ति की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था।

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia