सीबीआई ने इस कंपनी के खिलाफ दर्ज किया केस, 1528 करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप

एजेंसी के अनुसार, दिल्ली स्थित निजी फर्म इंडियन टेक्नोमैच, उसके सीएमडी, अन्य निजी व्यक्तियों और लोक सेवकों ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 16 बैंकों के एक कांस्टोरियम को 1,528.05 करोड़ रुपये का चूना लगाने की साजिश रची।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और पोंटा साहिब में कथित रूप से 16 बैंको को 1,528 करोड़ की हानि पहुंचाने के आरोप में इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड और अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया है, उसके अधिकारियों और अन्य के परिसरों पर छापे भी मारे। एजेंसी के अनुसार, दिल्ली स्थित निजी फर्म इंडियन टेक्नोमैच, उसके सीएमडी, अन्य निजी व्यक्तियों और लोक सेवकों ने बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 16 बैंकों के एक कांस्टोरियम को 1,528.05 करोड़ रुपये का चूना लगाने की साजिश रची।

इस कांस्टोरियम में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कॉपोर्रेशन बैंक, एचडीएफसी बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, सारस्वत को-ऑपरेटिव बैंक, स्टेट बैंक पटियाला, यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और डीबीएस बैंक शामिल हैं।

सीबीआई ने आरोप लगाया कि लौह और अलौह धातु के निर्माण में लगी निजी कंपनी ने 2008 से 2013 तक 16 राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों के कांस्टोरियम से ऋण सुविधाएं और ऋण प्राप्त किए।

बयान में कहा गया है, "आरोपी ने कथित कृत्यों के माध्यम से बैंकों को धोखा देने और ऋण खाते से धन निकालने के इरादे से कथित रूप से साजिश रची और इस तरह बैंकों के उक्त कांस्टोरियम को 1,528.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।" खाते को मार्च 2014 से बैंक ऑफ इंडिया के में एनपीए के रूप में वर्गीकृत किया गया था, फिर बैंक द्वारा रेड फ्लैग किया गया और फरवरी 2016 में धोखाधड़ी घोषित की गई थी।

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