केंद्र ने एनटीए में 2 डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति की, परीक्षा सुधारों पर मांगे सुझाव

एनटीए पिछले कुछ समय से कई प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर सवालों के घेरे में रहा है। खास तौर पर नीट-यूजी में पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।

केंद्र ने एनटीए में 2 डायरेक्टर और एक जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति की, परीक्षा सुधारों पर मांगे सुझाव
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केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक समेत कई मामलों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में दो निदेशकों और एक संयुक्त निदेशक की नियुक्ति की है। यह कदम एनटीए की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच उठाया गया है।

तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति

कार्मिक मंत्रालय की ओर से 27 अगस्त को जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी रवि कुमार सिंह और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी प्रसन्ना वेंकटेश वी को एनटीए में निदेशक नियुक्त किया गया है।मंत्रालय के एक अन्य आदेश के अनुसार, भारतीय राजस्व सेवा (सीमाशुल्क एवं अप्रत्यक्ष कर) के 2016 बैच के अधिकारी अमित समदरिया को एनटीए में संयुक्त निदेशक नियुक्त किया गया है।

आदेश के 3 सप्ताह के भीतर करना होगा ज्वाइन

कार्मिक मंत्रालय के आदेश में नियुक्त अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर नई जिम्मेदारी संभालने को कहा गया है। अधिकारियों को आदेश जारी होने के 3 सप्ताह के भीतर एनटीए में कार्यभार ग्रहण करना होगा। तीनों आदेशों में कार्मिक मंत्रालय के एक परिपत्र का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि नियुक्त अधिकारियों को आदेश जारी होने के तीन सप्ताह के अंदर अपना नया पद संभालना होगा और “ऐसा नहीं करने पर केंद्रीय कर्मचारी योजना से प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”


अनियमितताओं को लेकर एनटीए सवालों के घेरे में

गौरतलब है कि एनटीए पिछले कुछ समय से देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश और भर्ती परीक्षाओं के संचालन को लेकर सवालों के घेरे में रहा है। खास तौर पर नीट-यूजी में पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी, परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े विवादों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। चौतरफा सवालों के बाद सरकार ने एनटीए की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलावों की घोषणा की थी, जिसमें पेपर की जांच के लिए चार स्तर की प्रक्रिया लागू करना, 600 विशेषज्ञों को हटाना और विषय विशेषज्ञों को शामिल करना शामिल था।

एनटीए ने सुधार के लिए सुझाव मांगे

एनटीए में अधिकारियों की नई नियुक्तियों को इसी सुधार की प्रक्रिया की कड़ी माना जा रहा है। इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए देशभर के लोगों से सुझाव भी मांगे हैं। सार्वजनिक परीक्षाओं में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय कार्यबल छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और आम नागरिकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव चाहता है। सरकार की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अपने सुझाव व्हाट्सऐप, वेबसाइट, टोल-फ्री नंबर या ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। सुझाव अंग्रेजी, हिंदी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में दिए जा सकते हैं। सरकार ने सुझाव भेजने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 तय की है।


सरकार की पहल क्या रंग लाएगी

सरकार की ओर से यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब देश में पेपर लीक के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है। एनटीए में नई नियुक्तियों और परीक्षा सुधारों पर जनता से सुझाव लेने का उद्देश्य परीक्षा संचालन की व्यवस्था में खामियों को दूर करना और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना बताया जा रहा है।