मौसम या तकनीकी खामी? चतरा में एयर एम्बुलेंस क्रैश, 7 की मौत, चार्टर्ड फ्लाइट सेफ्टी पर सवाल

अधिकारियों के मुताबिक, विमान ने उड़ान के दौरान मौसम खराब होने की वजह से रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। इसके कुछ ही मिनट बाद उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

झारखंड के चतरा जिले में बीती रात एक दर्दनाक विमान दुर्घटना हुई। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गई, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक गंभीर रूप से झुलसे मरीज भी शामिल थे।

अधिकारियों के मुताबिक, विमान ने उड़ान के दौरान मौसम खराब होने की वजह से रूट बदलने की अनुमति मांगी थी। इसके कुछ ही मिनट बाद उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया।

उड़ान से हादसे तक, क्या हुआ उस रात?

विमान ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। यह एयर एम्बुलेंस दिल्ली के लिए रवाना हुई थी।

कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क के दौरान पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट डेविएशन की मांग की। शाम 7:34 बजे के आसपास कोलकाता से संपर्क और रडार कॉन्टैक्ट टूट गया। उस समय विमान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल माइल दक्षिण-पूर्व दिशा में था। बाद में विमान के झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि हुई।


विमान और ऑपरेटर की जानकारी

यह विमान बीचक्राफ्ट C90 मॉडल का था, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-AJV था। इसे दिल्ली स्थित रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड संचालित कर रही थी।

कंपनी की स्थापना 2018 में अक्षय कुमार ने की थी। 2019 में इसे नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स यानी चार्टर और एयर एम्बुलेंस संचालन का परमिट मिला। कंपनी के अनुसार, वह 24 घंटे मेडिकल इवैक्यूएशन सेवा देती है और विमानों में एडवांस्ड लाइफ-सेविंग उपकरण उपलब्ध रहते हैं।

कंपनी के बेड़े में कुल सात विमान शामिल हैं, जिनमें Embraer Legacy 600 और Dassault Falcon 2000 जैसे जेट भी हैं।

हादसे में जान गंवाने वाले

इस दुर्घटना में जिन सात लोगों की मौत हुई, उनमें:

  • संजय कुमार (41 वर्ष)- 63 प्रतिशत तक झुलसे मरीज

  • डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता

  • पैरामेडिकल स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा

  • अटेंडेंट अर्चना देवी

  • अटेंडेंट धुरु कुमार

  • पायलट विवेक विकास भगत

  • सह-पायलट सवरजदीप सिंह

सभी की मौके पर ही मौत हो गई।


हादसे का संभावित कारण, मौसम पर शक

रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि खराब मौसम दुर्घटना की एक संभावित वजह हो सकता है, लेकिन वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।

सेफ्टी पर फिर उठे सवाल

यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब एविएशन सेक्टर में सुरक्षा मानकों पर बहस जारी है। जनवरी में महाराष्ट्र के बारामती में एक लियरजेट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई थी। उस घटना के बाद भी चार्टर्ड ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।

ताजा हादसे के बाद यह बहस फिर तेज हो गई है कि निजी जेट और एयर एम्बुलेंस सेवाओं की निगरानी और सख्ती से होनी चाहिए।


जांच की स्थिति

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटरों का विशेष ऑडिट कर रहा है। हालांकि इन ऑडिट रिपोर्ट्स को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

बारामती दुर्घटना से जुड़े ऑपरेटर VSR वेंचर्स की जांच रिपोर्ट भी अब तक सामने नहीं आई है।

चतरा में हुए इस हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। ब्लैक बॉक्स और तकनीकी डेटा के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

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