छात्रों की गूंजः राहुल गांधी बोले- युवाओं ने अंधेरे में रोशनी जलाई है, हम प्यार से करप्ट सिस्टम को खत्म करेंगे
राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के युवा इस देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने अंधेरे में रोशनी जलाने का काम किया है। हिंदुस्तान के युवाओं ने डर का सामना कर, देश को बदलने का काम किया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रयागराज में केपी ग्राउंड में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के युवा इस देश की सबसे बड़ी ताकत है और इनकी संभावना दुनिया में बेजोड़ हैं। उन्होंने कहा कि आप भारत की ताकत और गर्व हो। देश के युवाओं ने अंधेरे में रोशनी जलाने का काम किया है। हिंदुस्तान के युवाओं ने डर का सामना कर, देश को बदलने का काम किया है। हमें प्यार से इस करप्ट सिस्टम को बदलना होगा।
राहुल गांधी ने हजारों छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आज आपसे आपके दर्द, डेटा और दौलत के बारे में बात करना चाहता हूं। हिंदुस्तान में 40 करोड़ युवा हैं, जो इस देश की ताकत हैं। इसलिए 21वीं सदी में देश दो चीजों के कारण आगे बढ़ सकता है। पहला, युवाओं की ताकत और दूसरा, युवाओं का डाटा। युवा + डाटा = 21वीं सदी की इकॉनमी। आपके डाटा के बिना AI का कोई मतलब नहीं है। डाटा से AI बनाया जा सकता है, लेकिन AI से डाटा नहीं बनाया जा सकता।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि भारत के 40 करोड़ युवा इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं और अमेरिका, चीन और रूस कोई भी भारत के युवाओं की संभावना का मुकाबला नहीं कर सकता। लेकिन भारत में रोजगार के सारे दरवाजे बंद हैं। उन्होंने देश में शैक्षणिक योग्यता के मूल्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि आज भारत में शिक्षा का प्रमाण पत्र का कोई मतलब नहीं है क्योंकि ये आपको नौकरी नहीं दे सकते।
राहुल गांधी ने कहा कि डाटा युवाओं का, क्षमता युवाओं की, लेकिन सिस्टम ने उन्हीं युवाओं को चक्रव्यूह में फंसा रखा है। देश के युवा पढ़ाई करते हैं, इसमें परिवारों का लाखों-करोड़ रुपया खर्च होता है। फिर सिस्टम एक सर्टिफिकेट देता है, लेकिन उससे आपको रोजगार नहीं मिलता है। आज 1,000 में से सिर्फ 12 लोगों को ही पक्की नौकरी मिलती है लोगों से उनका डाटा छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया जाता है। फिर आपको कहा जाता है- रील और कन्टेंट बनाइए। लेकिन आप जान लीजिए- रील 21वीं सदी का नया नशा है इन सबके बाद, युवाओं से कहा जाता है कि ब्लिंकिट, उबर में काम करो। मजदूरी करो, रील बनाओ, लेकिन आपको इस देश में नौकरी नहीं मिल सकती।
राहुल गांधी ने कहा कि दर्द आपका, डाटा आपका, दौलत इनकी। पूरा सिस्टम बीजेपी-आरएसएस -पूंजीपतियों के फायदे के लिए चलाया जाता है। पैसा: अडानी की आमदनी 10 साल में 30 गुना बढ़ी। सत्ता: बीजेपी का बैंक बैलेंस 150 करोड़ रुपये से 10 हजार करोड़ रुपए पर पहुंच गया। सोच: संस्थाओं में आरएसएस के प्रचारक फिट किए जा रहे हैं। कॉलेज में, विश्वविद्यालय में, ब्यूरोक्रेसी में, मीडिया में आरएसएस के लोग भरे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी-आरएसएस के इस सिस्टम ने रोजगार खत्म किया, विश्वविद्यालयों पर कब्जा किया, आपके ऊपर हमला किया है।
राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में स्टेज पर बुलाकर कुछ प्रतियोगी छात्रों से भी बात की। एक अभ्यर्थी ने कहा कि राहुल गांधी जी, मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं, क्योंकि आप हम छात्रों और युवाओं की आवाज उठा रहे हैं। देश के युवा आपके साथ हैं। जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से लगातार पेपर लीक हो रहा है। इन सभी पेपर लीक के मामले मैं उंगलियों पर गिना सकता हूं। जैसे: 2017 दरोगा भर्ती परीक्षा पेपर लीक, 2018 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक, 2020-21 यूपी SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक, 2022 लेखपाल भर्ती परीक्षा पेपर लीक, 2023 RO/ARO भर्ती परीक्षा पेपर लीक, 2023 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा पेपर लीक।
पटना से आई एक छात्र नेता ने कहा कि दिल्ली में 20 जुलाई को छात्रों और युवाओं पर हुई बर्बरता के खिलाफ 22 जुलाई को छात्र पटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले थे। लेकिन बिहार सरकार और बिहार पुलिस ने उनके साथ क्रूरता की। छात्रों को मारा-पीटा गया और उन्हें रातों-रात गैरकानूनी तरीके से हिरासत में ले लिया। बिहार में ये सिलसिला कई दिनों तक चला। फिर सीवान में प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर AK-47 से फायर कर दिया जाता है, जिसमें छात्र गंभीर रूप में घायल हुए। हम छात्र हैं, प्रोटेस्टर नहीं। आज छात्रों की हालत ये है कि पहले वो पढ़ाई करें, लेकिन जब पेपर लीक हो जाए और हक के लिए प्रोटेस्ट करे तो उनपर लाठीचार्ज किया जाता है। देश के युवा इसी चक्रव्यूह में फंसे रहते हैं।
कार्यक्रम में एक और छात्र ने कहा कि यूपी सरकार के पास पद हैं, लेकिन वो भर्ती ही नहीं निकाल रही है। हमने कई बार धरना दिया, लाठियां खाईं और कईयों को ज्ञापन दिया, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई। यूपी में कई सारी भर्तियां ऐसी हैं, जो लटकी हुई हैं और जब पेपर लीक होता है तो हम छात्र किसी से अपना दुख तक बयां नहीं कर पाते। हमारी मांग यही है कि सरकार समय पर भर्तियां निकाले, एग्जाम कैलेंडर फिक्स करे- ताकि युवाओं का समय और पैसा बर्बाद न हो।
कार्यक्रम के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि हम नफरत और हिंसा से कभी काम नहीं करेंगे। हिंदुस्तान की संस्कृति सत्य और अहिंसा की है। किसी भी स्टूडेंट के दिल में नफरत नहीं, सिर्फ मोहब्बत होनी चाहिए। हमें प्यार और मोहब्बत से इस करप्ट सिस्टम को खत्म.. टाटा, बाय-बाय करना है। जो भी युवा अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, मैं उनके साथ खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा।
बता दें कि देश में लगातार पेपर ली और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत वे देश के अलग-अलग शहरों में जाकर छात्रों और युवाओं से संवाद कर रहे हैं। छात्रों की गूंज के तहत पहला कार्यक्रम कोटा में हुआ था। इसके बाद दूसरा कार्यक्रम उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित हुआ था। आज छात्रों की गूंज के तहत तीसरा कार्यक्रम प्रयागराज में आयोजित हुआ, जिसमें भारी बारिश के कारण कार्यक्रम स्थल पर बारिश का पानी लगने और कीचड़ होने के बावजूद भारी संख्या में प्रतियोगी छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए।
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