छत्‍तीसगढ़: पूर्व सीएम अजीत जोगी की हालत अब भी नाजुक, मेडिकल बुलेटिन जारी, कोमा में गए, अगले 48 घंटे अहम

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम अ​जीत जोगी की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। अजीत जोगी को लेकर मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है। लेकिन कल रेस्पिरेटरी अरेस्ट होने के बाद जो कुछ देर तक उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं गया, उस वजह से उनके दिमाग को संभावित नुकसान पहुंचा है।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया
user

नवजीवन डेस्क

दिल का दौरा पड़ने के बाद कल से अस्पताल में भर्ती छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस प्रमुख अजीत जोगी की तबियत में कोई सुधार नही हुआ है। उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। खबरों के मुताबिक वो कोमा में हैं।

नारायणा अस्पताल के निदेशक डॉक्टर सुनील खेमका ने आज जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया कि अजीत जोगी की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अस्पताल के कई स्पेशलिटी के 8 डाक्टरों की टीम द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उनका हृदय समान्य है और दवाओं से ब्लड प्रेशर भी नियंत्रित है, लेकिन कल रेस्पिरेटरी अटैक होने के बाद उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन नही पहुंचने के कारण दिमाग को संभावित नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि अभी की स्थिति में अजीत जोगी कोमा में है और उन्हें वेंटीलेटर से सांस दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटों में समझ में आयेगा कि उनका शरीर दवाओं को कैसा रिस्पांस दे रहा है।

गौरतलब है कि अजीत जोगी कल अपने आवासीय परिसर में व्हील चेयर से टहलते समय इमली खा रहे थे। उसका बीज सांस की नली में पहुंच गया। इसके बाद वह बेहोश हो गए इसी दौरान उन्हे हार्ट अटैक भी आया। गंभीर स्थिति में उन्हे तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। लगभग 74 वर्षीय अजीत जोगी इस समय राज्य की मरवाही सीट से विधायक है।

बता दें कि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अजीत जोगी ने साल 2004 में एक सड़क दुर्घटना के बाद से में लकवे के कारण व्हीलचेयर पर हैं। हाल ही में 29 अप्रैल को उन्होंने अपना 74वां जन्मदिन मनाया था।

साल 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन होने के बाद जोगी राज्य की पहली कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने नवंबर 2003 तक राज्य में कांग्रेस सरकार का नेतृत्व किया। उसके बाद जून, 2016 में जोगी ने कांग्रेस छोड़ दी और एक क्षेत्रीय पार्टी का गठन किया। 15 साल राज्य में बीजेपी की सरकार के दौरान वह विपक्ष के मुखर चेहरा रहे। साल 2018 में कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से वह राजनीतिक रूप से अलग-थलग रह रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: उत्तरी सिक्किम में सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प की खबर, दोनों तरफ के कई सैनिक घायल!

लोकप्रिय
next