खुद का चांद बना रहा चीन अब चंद्रमा पर खोज के लिए नई पीढ़ी का मानव चालित रॉकेट, अंतरिक्ष यान कर रहा विकसित

मानव चालित रॉकेट और अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष यात्रियों को लांग मार्च-9 वाहक रॉकेट के साथ भविष्य में एक मून बेस के निर्माण में मदद मिलेगी। नए रॉकेट में चंद्र प्रक्षेपणों के 25 टन ढोने और पृथ्वी के निचले कक्ष के लिए 70 टन ले जाने की क्षमता होगी।

फोटो: सोशल मीडिया
i
user

आईएएनएस

google_preferred_badge

चीन, चंद्रमा पर खोज के लिए नई पीढ़ी के मानव चालित रॉकेट और अंतरिक्ष यान विकसित कर रहा है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, झुहाई में मंगलवार को 12वें चीन इंटरनेशनल एविएशन और एयरोस्पेस एक्जिबिशन में वांग शियाओजुन ने कहा कि रॉकेट का इस्तेमाल चीन के मानवयुक्त चंद्र मिशन के तहत चंद्रमा के चारों तरफ उड़ाने के लिए किया जाएगा।

वांग ने कहा कि इससे अंतरिक्ष यात्रियों को लांग मार्च-9 वाहक रॉकेट के साथ भविष्य में एक मून बेस के निर्माण में मदद मिलेगी। वांग ने कहा कि नए रॉकेट में चंद्र प्रक्षेपणों के 25 टन ढोने व पृथ्वी के निचले कक्ष के लिए 70 टन ले जाने की क्षमता होगी। वांग ने कहा कि रॉकेट के इंजन का परीक्षण हाल में किया गया है। उन्होंने कहा कि नया मानव चालित अंतरिक्ष यान नौ मीटर लंबा, 23 टन भारवाला होगा।

इससे पहले खबर आई थी कि चीन अपनी सड़कों को रोशन रखने के लिए खुद का एक चांद विकसित कर रहा है। दरअसल चीन अपनी सड़कों को रौशन रखने में होने वाले बिजली के खर्च को घटाना चाहता है। इसके लिए चीन का दक्षिण-पश्चिमी शिचुआन प्रांत ‘इल्यूमिनेशन सेटेलाइट’ यानी प्रकाश उपग्रह विकसित करने में जुटा है। सरकारी समचार एजेंसी चायना डेली के मुताबिक, यह उपग्रह असली चांद जैसा ही चमकेगा लेकिन इसकी रोशनी वास्तविक चांद की तुलना में आठ गुना ज्यादा होगी।कार्यक्रम के मुताबिक इंसान का बनाया पहला चांद शिचुआन के शिचांद सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से छोड़ा जाएगा। अगर यह सफल हुआ तो 2022 में इसी तरह के 3 और चांद अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे।

प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी उठा रहे तियान फू न्यू एरिया साइंस सोसायटी के प्रमुख वू चुनफेंग ने यह जानकारी दी है। चाइना डेली के साथ एक बातचीत में वू चुनफेंग ने बताया कि पहला चांद तो प्रायोगिक होगा, लेकिन 2022 में लॉन्च होने वाले उपग्रह असल चीज होंगे, जिनमें बड़ी नागरिक और कारोबारी क्षमता होगी।

Google न्यूज़व्हाट्सएपनवजीवन फेसबुक पेज और नवजीवन ट्विटर हैंडल पर जुड़ें

प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए, यहां क्लिक करें @navjivanindia


Published: 07 Nov 2018, 6:10 PM