लद्दाख में चीन की नई चाल! पावर ग्रिड को चीनी हैकर्स ने बनाया निशाना, मुद्दे पर केंद्र सरकार ने दी सफाई

रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए भारत के कम से कम 7 लोड डिस्पैच सेंटर्स को निशाना बनाया गया था। ये केंद्र लद्दाख में विवादित भारत-चीन सीमा के पास स्थित क्षेत्रों में ग्रिड नियंत्रण और बिजली के संचार के लिए रियल टाइमिंग का संचालन करते हैं।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भारत चीन के बीच बॉर्डर विवाद जारी है। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी सरकार की तरफ से प्रायोजित हैकर्स ने लद्दाख के पास पाव ग्रिड पर सायबर अटैक कर निशाना बनाया है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स की निजी खुफिया फर्म रिकॉर्डेड फ्यूचर ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। रिकॉर्डेड फ्यूचर का कहना है कि साइबर जासूसी अभियान के तहत चीनी हैकर्स ने ऐसा किया था। अब इस रिपोर्ट पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि हैकिंग के ये प्रयास जनवरी, फरवरी में किए गए थे। हमने 2018 से ही साइबर सिक्योरिटी को काफी मज़बूत किया है। ऐसी कोशिश सफल नहीं होंगी।

रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?

रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए भारत के कम से कम 7 लोड डिस्पैच सेंटर्स को निशाना बनाया गया था। ये केंद्र लद्दाख में विवादित भारत-चीन सीमा के पास स्थित क्षेत्रों में ग्रिड नियंत्रण और बिजली के संचार के लिए रियल टाइमिंग का संचालन करते हैं। इसमें से एक लोड डिस्पैच सेंटर को पहले दूसरे हैकर ग्रुप RedEcho ने भी टारगेट बनाया था।

रिकॉर्डेड फ्यूचर की रिपोर्ट में दावा किया गया है, “चीनी राज्य से जुड़े इन हैकर्स समूहों द्वारा भारतीय पावर ग्रिड संपत्तियों को लंबे समय तक निशाना बनाने से सीमित आर्थिक जासूसी या पारंपरिक खुफिया जानकारी जुटाने के मौके मिलते हैं।” रिपोर्ट के मुताबिक इसका मकसद भविष्य में होने वाली गतिविधियों से जुड़ी जानकारी एकत्र कर पूर्व स्थिति को मजबूत करना है।

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