पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बीच कानून बना नागरिकता संशोधन बिल, राष्‍ट्रपति ने दी मंजूरी

सदन के दोनों सदनों से पास होने के बाद अब नागरिकता संशोधन बिल अब कानून बन गया है।गुरुवार देर रात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी। दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों में अभी इस बिल के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ पूर्वोत्तर राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शनम जारी है तो दूसरी ओर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बिल को अपनी मंजूरी दे दी है। अब यह विधेयक कानून बन गया है। इसके साथ ही पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो गया है।

कानून के मुताबिक, ऐसे शरणार्थियों को गैर-कानून प्रवासी के रूप में पाए जाने पर लगाए गए मुकदमों से भी माफी दी जाएगी। कानून के अनुसार, यह असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि ये क्षेत्र संविधान की छठी अनुसूची में शामिल हैं। इसके साथ ही यह कानून बंगाल पूर्वी सीमा विनियमन, 1873 के तहत अधिसूचित इनर लाइन परमिट (आईएलपी) वाले इलाकों में भी लागू नहीं होगा। आईएलपी अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम में लागू है।


इससे पहले संसद ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी थी। सदन ने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने के विपक्ष के प्रस्ताव और संशोधनों को खारिज कर दिया और विधेयक के पक्ष में 125 मत पड़े जबकि 105 सदस्यों ने इसके खिलाफ मतदान किया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है। लोकसभा में बिल के पक्ष में 311 और विपक्ष में 80 वोट पड़े थे।

हालांकि इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के चार सांसदों ने गुरुवार को इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इसकी संवैधानिकता पर सवाल खड़े किए है।


गौरतलब है कि इस विधेयक को लेकर पूरे देश में विरोध हो रहा है और पूर्वोत्तर, खासतौर से असम में हिंसा भड़क उठी है। गुवाहाटी में देर रात उग्र विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी, जिससे 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। गुवाहाटी में अनिश्चिकाल तक कर्फ्यू लगा दिया गया। असम में भी कई जगहों पर कर्फ्यू है। हालांकि डिब्रूगढ़ में सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई है। असम के 10 जिलों में 24 घंटे तक इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। त्रिपुरा में भी इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।

हिंसक प्रदर्शन का असर रेलवे और हवाई उड़ानों पर भी पड़ा है। गुरुवार को कई ट्रेनों और फ्लाईटों को कैंसिल करना पड़ा। इसके अलावा वहां हो रहे है फुटबाल मैच और रणजी मैच को रद्द कर दिया गया है।

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Published: 13 Dec 2019, 8:43 AM
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