न्यायिक आदेश में छेड़छाड़ कर अनिल अंबानी को मदद करने वाले 2 अधिकारी नपे, सीजेआई ने दिए निलंबन के आदेश

सुप्रीम कोर्ट के न्यायिक आदेश में गलती करने के लिए दो कोर्ट अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया गया है। अधिकारियों पर कारोबारी अनिल अंबानी से जुड़े एक न्यायिक आदेश में छेड़छाड़ कर मदद करने का आरोप लगा हैं।

फोटो: सोशल मीडिया 
फोटो: सोशल मीडिया

नवजीवन डेस्क

सीजेआई रंजन गोगोई ने सुप्रीम कोर्ट के दो अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। इन दोनों अधिकारियों पर कारोबारी अनिल अंबानी को मदद पहुंचाने के उद्देश्य से ज्यूडीशियल आर्डर में छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है। दोनों अधिकारी कोर्ट की ओर से जारी आदेश में छेड़छाड़ करने के लिए जिम्मेदार हैं, जो 7 जनवरी को सार्वजनिक किया गया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में कारोबारी अनिल अंबानी के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का केस चल रहा है।

अंग्रेजी अखबार टेलिग्राफ में छपी खबर के मु ताबिक, रंजन गोगोई ने संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत अपनी अतिरिक्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कोर्ट में कार्यरत दो असिस्टेंट रजिस्ट्रार मानव शर्मा और तपन कुमार चक्रबर्ती को बर्खास्त कर दिया है। दोनों असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे। कोर्ट मास्टर की ओपन कोर्ट या जजों के चैंबर्स में दिए गए सभी फैसलों को लिखने में भूमिका होती है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला एरिक्सन इंडिया की अनिल अंबानी के खिलाफ दायर अवमानना याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें जज ने अगली सुनवाई के दौरान अंबानी को कोर्ट में मौजूद रहने के आदेश दिए थे। लेकिन रजिस्ट्रार ने आदेश लिखने में गलती की। जिसके बाद गलत आदेश सार्वजनिक किया गया, जिससे यह संदेश गया कि अंबानी को अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश होने से राहत मिल गई है। इस गलती को याचिकाकर्ता एरिक्सन इंडिया के वकील कोर्ट के संज्ञान में ले आए। जिसके बाद कोर्ट ने संशोधित आदेश 10 जनवरी को जारी किया। संशोधित आदेश के बाद, 12 और 13 फरवरी को अनिल अंबानी मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद थे। इस मामले की जस्टिस आरएफ नरीमन और विनीत सरन की दो सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है।

गौरतलब है कि टेलिकॉम कंपनी एरिक्शन ने रिलायंस कम्युनिकेशन द्वारा 550 करोड़ रुपये का भुगतान न करने के बाद अवमानना के मामले में अनिल अंबानी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

Published: 14 Feb 2019, 11:53 AM
लोकप्रिय