दिवाली तक क्या है CJP का प्लान? दीपके ने समर्थकों से कही ये बात, सौरव-आशुतोष को लेकर भी दिया संदेश
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिवाली तक प्रदर्शन की योजना नहीं होने की बात कही और समर्थकों से परिवार के साथ वक्त बिताने की अपील की। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रांका का भी जिक्र किया।

CJP चीफ अभिजीत दीपके ने कहा कि दिवाली तक कोई प्रदर्शन नहीं होगा और समर्थकों से त्योहार परिवार के साथ मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों में आंदोलन से जुड़े वॉलंटियर्स और उनके परिवारों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ी हैं।
सौरव दास और आशुतोष रांका के जेल में होने के बावजूद दीपके ने कहा कि आंदोलन के लोग डरकर पीछे नहीं हटेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने समर्थकों से दिवाली परिवार और करीबियों के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल दिवाली तक किसी प्रदर्शन की योजना नहीं है। समर्थकों को 'कॉकरोच' कहकर संबोधित करते हुए दीपके ने पिछले 10-12 दिनों के घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों के साथ उनके परिवारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है।
दीपके के मुताबिक, कई वॉलंटियर्स को सड़कों पर पीटा गया और हिरासत के दौरान भी परेशानियां झेलनी पड़ीं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं का असर कार्यकर्ताओं के घरवालों पर भी पड़ा है। त्योहार के मौके पर परिवारों की चिंता को देखते हुए उन्होंने समर्थकों से कुछ दिन उनके साथ बिताने को कहा।
'नफरत के खिलाफ लड़ रहे हैं, खुद नफरत का हिस्सा नहीं बनना'
दीपके ने कहा कि आंदोलन का मकसद नफरत के खिलाफ लड़ना है, लेकिन इस दौरान अपने भीतर नफरत को जगह नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उन लोगों जैसा नहीं बनना है, जो उनसे नफरत करते हैं।
उनके मुताबिक, एक-दूसरे के लिए प्यार, करुणा और दयालुता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। दीपके ने संविधान और महात्मा गांधी के शांति तथा अहिंसा के मूल्यों पर चलते रहने की बात भी कही।
सौरव दास और आशुतोष रांका के जेल में होने पर क्या बोले दीपके?
CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका का जिक्र करते हुए दीपके ने कहा कि दोनों मजबूत हैं और उनके परिवार भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सौरव की मां ने टीम के लोगों को अपना ध्यान रखने के लिए कहा है। दीपके ने यह भी बताया कि आशुतोष के जेल में रहने के दौरान उनके परिवार में एक सदस्य की मौत हुई, जिसके कारण वह परिवार के साथ नहीं रह सके।
दीपके ने कहा कि सौरव और आशुतोष के जेल में होने से आंदोलन के लोग डरकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसी गलत काम के लिए नहीं, बल्कि सही मुद्दे के लिए लड़ रहे हैं। दीपके ने दोनों नेताओं के रुख को शांति और करुणा से जोड़ते हुए महात्मा गांधी के सत्याग्रह का भी जिक्र किया।
'हमारे इमोशंस हमारी कमजोरी नहीं, ताकत हैं'
दीपके ने कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों की भावनाएं उनकी कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत हैं। उनके मुताबिक, प्यार, करुणा और एक-दूसरे के साथ खड़े रहना ही उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देता है।
अंत में उन्होंने सभी वॉलंटियर्स से दिवाली अपने परिवार के साथ मनाने और सौरव दास व आशुतोष रांका को याद रखने की अपील की। उन्होंने उन कार्यकर्ताओं का भी जिक्र किया, जिनकी कहानियां खबरों में जगह नहीं बना पातीं, लेकिन उन्होंने पिछले दिनों काफी मुश्किलों का सामना किया है।
