CJP का संसद मार्च आज, जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़, इजाजत नहीं, वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए रखी ये शर्तें
दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च होना है। मार्च से पहले जंतर-मंतर पर भार भीड़ उमड़ी है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए शर्तें रखीं हैं।

शिक्षा व्यवस्था में सुधारों की मांग को लेकर दिल्ली में आज कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च होना है। संसद की ओर प्रस्तावित कूच से पहले जंतर-मंतर पर हजारों छात्र, युवा और समर्थक जुटे हैं। मार्च के लिए अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपने कार्यक्रम पर कायम हैं। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति किसी भी मार्च को संसद की ओर बढ़ने नहीं दिया जाएगा। इसे देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपने अनिश्चितकालीन अनशन को लेकर बड़ा बयान दिया है।
वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म करने कि ले रखीं ये शर्तें
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अगर सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की नाकामियों और पेपर लीक जैसे मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, या फिर संसद तक पहुंचने पर विभिन्न दलों के सांसद उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा, तो वह 20 जुलाई यानी आज अपना अनिश्चितकालीन अनशन खत्म कर देंगे।
उन्होंने यह भी लिखा कि अगर स्वास्थ्य या किसी अन्य वजह से वह संसद नहीं पहुंच सके, तो अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें। 19 जुलाई की तारीख वाले अपने नोट में वांगचुक ने लिखा कि वह "सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत" में हैं, जहां उनकी आवाजाही, बोलने और संचार की स्वतंत्रता प्रतिबंधित है। यह बात वांगचुक ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट कही है।
जंतर-मंतर पर रातभर डटे रहे आंदोलनकारी
रविवार शाम से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मामलों के खिलाफ देशव्यापी आवाज है। इसी वजह से उन्होंने रविवार की रात को 'निर्णायक रात' बताते हुए पूरी रात धरना जारी रखा।
खबरों के मुताबिक, संसद मार्च में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा। प्रदर्शनकारी महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरुषों की तस्वीरें, राष्ट्रीय प्रतीक और नारों वाली तख्तियां लेकर मार्च करेंगे। नीट से जुड़े आत्महत्या कर चुके कुछ छात्रों की तस्वीरें भी प्रदर्शन के दौरान दिखाई जाएंगी। मंच से लगातार संबोधन होते रहे और छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से डटे रहने की अपील की जाती रही।
पुलिस ने कड़ी की सुरक्षा
दिल्ली पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई है, इसलिए बिना अनुमति संसद की ओर कूच नहीं करने दिया जाएगा। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की संख्या लगातार बढ़ाई गई है। बैरिकेडिंग मजबूत की गई है और आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।
वहीं, प्रदर्शनकारियों का दावा है कि धरना स्थल के दोनों ओर करीब 40 डिटेंशन बसें और छह से सात वाटर कैनन तैनात हैं। उनका कहना है कि अगले कुछ घंटों में पुलिस कार्रवाई कर सकती है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संभावित कार्रवाई को देखते हुए वामपंथी प्रदर्शनकारी मानव श्रृंखला बनाकर बैठे रहे।
