CJP के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा पर पुलिस का एक्शन, दो थानों में FIR दर्ज, 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में
CJP के संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। 70 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी के 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। संसद चलो मार्च के दौरान हुई हिंसा, पथराव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने दिल्ली के कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार, हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। वहीं, करीब 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और आगे भी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।
दो थानों में दर्ज हुई FIR
दिल्ली पुलिस ने बताया कि कनॉट प्लेस थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोमवार को आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की, पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और जनपथ इलाके की कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया।
वहीं, पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा करने, कानून-व्यवस्था बाधित करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने से जुड़े आरोप शामिल किए गए हैं।
पुलिस का दावा- धारा 163 का उल्लंघन, 118 से ज्यादा जवान घायल
दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी और निर्देशों की अनदेखी करते हुए इलाके में लागू BNS की धारा 163 का उल्लंघन किया। पुलिस के मुताबिक, झड़प और पथराव में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारी तथा कई महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों के घायल होने और सरकारी संपत्ति को नुकसान का दावा
झड़प में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की खबर है। पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने 15 से 20 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, यह पुलिस का दावा है।
CCTV फुटेज से होगी पहचान, आगे भी होगी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि हिंसा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सके।
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