कश्मीर में मोदी सरकार के दावों की खुली पोल, यूरोपीय सांसदों की मौजूदगी में 5 बंगाली मजदूरों की हत्या

जम्मू और कश्मीर के बदले हालात में अब तक की सबसे बड़ी घटना में मंगलवार को आतंकियों ने कुलगाम में 5 गैर कश्मीरी मजदूरों की निर्मम हत्या कर दी और एक को घायल कर दिया। खास बात ये है कि यह घटना उस समय हुई, जब यूरोपीय देशों के सांसदों का दल राज्य के दौरे पर था।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अनुच्छेद-370 हटने और जम्मू और कश्मीर का दो केंद्र शासित प्रदेश में विभाजन के बाद से अब तक के सबसे बड़े हमले में मंगलवार को आतंकियों ने कुलगाम जिले में 5 गैर कश्मीरी मजदूरों की निर्मम हत्या कर दी और एक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। ये सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद के बताए जा रहे हैं, जो यहां दैनिक मजदूरी करते थे। घटना के बाद इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार मारे गए मजदूरों के नाम शेख कमरुद्दीन, शेख मोहम्मद रफीक, शेख मर्सुलिन, शेख निजामुद्दीन और मोहम्मद रफीक शेख है। जबकि हमले में गंभीर रूप से घायल मजदूर का नाम जहूरुद्दीन है।

खास बात ये है कि यह घटना उस समय हुई है, जब यूरोपीय सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के दौरे पर था। यूरोपीय देशों के 28 सांसदों का दल मोदी सरकार के बुलावे पर मंगलवार को कश्मीर के हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के एकदिवसीय दौरे पर था। इस दौरे को लेकर घाटी में पहले से जारी कड़ी सुरक्षा को और पुख्ता किया गया था। लेकिन इसके बावजूद आतंकियों का इतनी बड़ी घटना को अंजाम देना सरकार पर सवाल खड़े करता है। इससे पहले विदेशी दल के दौरे के दौरान श्रीनगर के कई इलाकों में पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं।

इस घटना से कश्मीर में हालात सामान्य होने और सबकुछ ठीक होने के मोदी सरकार के तमाम दावों की पोल खुल गई है। क्योंकि एक तो विदेशी सांसदों के दौरे को लेकर सुरक्षा में कड़ाई और दूसरे इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने 48 घंटे का अलर्ट भी जारी कर रखा था। सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि आतंकी कश्मीर सहित देश की राजधानी दिल्ली में बड़े हमले कर सकते हैं। एजेंसियों के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर कश्मीर और दिल्ली के कई बड़े सरकारी दफ्तर हैं।

इससे पहले भी आतंकियों ने व्यापारियों और मजदूरों को निशाना बनाया है। इससे पहले आतंकियों ने अनंतनाग में एक ट्रक डाइवर की हत्या कर दी थी। उससे पहले भी ट्रक ड्राइवरों और मजदूरों पर कई हमले हुए थे। कश्मीर के बदले हालात में प्रतिबंधों के बीच आतंकी लगातार मजदूरों और ड्राइवरों को निशाना बना रहे हैं। लेकिन अलर्ट और तमाम चाक-चौबंद सुरक्षा के दावों के बीच आज आतंकियों ने एक बार फिर अपने दुस्साहस का परिचय दे दिया और इसी के साथ मोदी सरकार के राज्य में सब ठीक होने के दावों की भी पोल खोल दी है।

Published: 29 Oct 2019, 11:00 PM
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