स्विस बैंक में भारतीयों के पैसे में बढ़ोतरी पर जेटली की सफाई, ‘सारा पैसा काला धन नहीं’

पिछले चार साल के दौरान स्व‍िस बैंक में भारतीयों के पैसे में 50 फीसदी बढ़ोतरी को लेकर मोदी सरकार की ओर से सफाई दी गई है। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सफाई देते हुए कहा है कि पूरा पैसा काला धन नहीं है।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान स्विस बैंक में जमा भारतीयों के पैसे 50 फीसदी बढ़ोतरी की खबर से बैकफुट पर आयी मोदी सरकार ने इसको लेकर सफाई दी है। सफाई की कमान खुद केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संभाली। जेटली ने फेसबुक पर अपने ब्लॉग में लिखा है कि स्व‍िस बैंक में भारतीयों का जो पैसा है, उसमें अधिकतर पैसा उन भारतीयों का है, जो अब विदेशों में बस गए हैं। इस तरह से ये पूरा पैसा कालाधन नहीं है। जेटली ने कहा कि इस आंकड़े को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।

जेटली ने अपने ब्लॉग में उन खबरों का भी खंडन किया है, जिनमें काला धन पर लगाम लगाने में मोदी सरकार को विफल बताया जा रहा है। जेटली ने इन खबरों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्टों की वजह से भ्रम फैल रहा है। ब्लॉग में उन्होंने मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान कर चोरी और कालेधन पर अंकुश लगाने के प्रयासों और नीतियों का जिक्र किया। उन्होंने आगे लिखा, “ऐसा मान लेना सही नहीं होगा कि कि स्विटजरलैंड में सभी तरह का जमा किया हुआ धन कर चोरी का है या काले धन के मामले में स्विटजरलैंड एक दशक पहले जैसा देश है। स्विट्जरलैंड ने कर चोरी करने वालों के पनाहगाह देश की अपनी छवि को तोड़ने के कारगर प्रयास किए हैं। अब वहां की सरकार उन नामों का खुलासा करने की कगार पर है जिन्होंने गैरकानूनी ढंग से वहां पैसे जमा किये हैं, इसलिए कर चोरी करने वालों के लिए अब यह आदर्श पनाहगाह नहीं रहा।”

इससे पहले गुरुवार को स्विस बैंक की ओर से जारी ताजा आंकड़ों ने मोदी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। स्विस बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में वहां जमा भारतीयों की पूंजी में करीब 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। स्विस बैंकों में भारतीयों का पैसा 4 साल में पहली बार बढ़कर पिछले साल 1 अरब स्विस फ्रैंक यानी 7 हजार करोड़ रुपये हो गया। यह आंकड़ा एक साल पहले की तुलना में 50 फीसदी की बढ़ोतरी को दिखाता है। स्विस बैंक के खातों में रखे भारतीयों के पैसे में 2011 में 12 फीसदी, 2013 में 43 फीसदी, 2017 में 50.2 फीसदी दर्ज की गई।

हैरान करने वाली बात यह है कि यह आंकड़ा तब आया है, जब विदेशों में धन जमा करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार अभियान चलाने का दावा कर रही है। इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान स्विस बैंक के खातों में भारतियों के धन में लगातार इजाफा हुआ है। लेकिन मोदी सरकार इन आंकड़ों के उलट काला धन पर लगाम लगाने को लेकर खुद का पीठ थपथपा रही है।

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