कोरोना लॉकडाउन पर सरकारी तैयारियों पर कांग्रेस ने जताई निराशा, सुरजेवाला ने पूछे 8 सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश भर में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किए जाने पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कई अहम सवाल उठाए हैं। उन्होंने गरीबों, किसानों से लेकर डॉक्टरों-नर्सों और मेडिकल स्टाफ तक के लिए कुछ न किए जाने पर आक्रोश जताया है।

फोटो : सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित करते हुए यह नहीं बताया कि कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए सरकारी तैयारियां कितनी हैं। कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा कि, “कोरोना वायरस के आने की संभावना थीं, और इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से काफी उम्मीदें थीं। सरकार की तैयारियों का स्तर क्या है? आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज क्या है? भीखारियों और गरीबों को जिंदा रखने के लिएि क्या उपाय हैं? इन सवालों का जवाब देने के बजाय लोगों को भयभीत और असहाय छोड़ दिया है।'

वहीं कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री से 8 सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है:

  • आदरणीय मोदी जी, देश तो लॉकडाउन का हर आग्रह मानेगा। पर आपने कोरोना की महामारी को रोकने के लिए क्या किया? स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा कैसे होगी? कोरोना से पैदा हुए रोज़ी रोटी के महासंकट का क्या हल किया? ग़रीब, मज़दूर, किसान, दुकानदार, दिहाड़ीदार के 21 दिन कैसे कटेंगे?
  • माननीय मोदीजी, कोरोना से लड़ने के लिए डॉक्टर-नर्स-स्वास्थ्य कर्मियों को लैस करना ज़रूरी है पर उनके लिए एन-95 मास्क, 3 प्लाई मास्क, हैज़्मैट सूट उपलब्ध क्यों नही? देश को मार्च में ही 7.25 लाख बॉडी सूट, 60 लाख एन-95 मास्क, 1 करोड़ 3 प्लाई मास्क की ज़रूरत है। ये कब मिलेंगे?
  • माननीय मोदीजी, दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन सत्य! कोरोना के फैलाव के 84 दिन बाद आपकी सरकार ने आज 24 मार्च को वेंटिलेटर, साँस लेने के उपकरणों व हैंड सैनिटाइजर के निर्यात पर रोक लगाई है। कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए यही आपकी तैयारी है? अब जागे तो क्या जागे!
  • माननीय मोदीजी, आपने कोरोना से लड़ने के लिए 50 मिनट के दो भाषण दिए। देश स्तब्ध है की करोड़ों फ़ैक्टरी व खेत मज़दूरों, दिहाड़ीदारों, मनरेगा श्रमिकों, रेहड़ी-ठेलावालों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों की रोज़ी रोटी के लिए एक शब्द नही कहा। 21 दिन ये अपने परिवारों का पेट कैसे पालेंगे?
  • माननीय मोदीजी, किसान देश का पेट पालता है। दो तिहाई आबादी खेती करती है। आपने एक शब्द किसानों के लिए नही कहा। अगले हफ़्ते से खड़ी फसल कटने के लिए तैयार है। फसल कैसे कटेगी, कैसे बिकेगी और उचित मूल्य कौन देगा? आपके फ़रमान से किसान पर क्या बीतेगी, आपने सोचा? तुरंत राहत दें।
  • माननीय मोदी जी, इस संकटकाल में किसानों की क़र्ज़माफ़ी ही एकमात्र रास्ता भी है और उपाय भी। किसानों के क़र्ज़े और रिकवरी तत्काल बंद करें। फसलों के उचित दामों पर ख़रीद की सम्पूर्ण व्यवस्था करें। मत भूलिए, किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। जय किसान, जय हिन्दुस्तान!
  • माननीय मोदी जी, आज सर्वाधिक ज़रूरत राहुल जी व कांग्रेस द्वारा सुझाई गई “न्यूनतम आय योजना” को तत्काल लागू करना वक़्त की माँग है। हर जन-धन खाते, PM किसान खाते व पेन्शन खाते में ₹7,500 तुरन्त जमा करवाएँ ताकि ग़रीब इन 21 दिनों में दो जून की रोटी खा सके। जान है तो जहान है।
  • माननीय मोदी जी, देश कोरोना से लड़ेगा भी और इसे हराएगा भी। पूरा देश आपकी सरकार की घोषणा के साथ है लेकिन उपायों से पूरी तरह निराश है। कठिन पल नेतृत्व की अग्निपरीक्षा लेते हैं। अफ़सोस आपकी सरकार इसके लिए तैयार नही!
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