खाद के बढ़े दाम पर कांग्रेस बोली- किसान विरोधी है मोदी सरकार, खेती को बर्बाद करने पर तुली

रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि महामारी की आड़ में डीएपी सहित अन्य खाद की कीमत बढ़ाकर एक बार फिर किसान-मजदूर की कमर तोड़ने का घिनौना काम किया है। तीन काले कानून, डीज़ल की कीमतों में वृद्धि, खेती पर टैक्स, अब खाद की कीमतें बढ़ाकर अतिरिक्त भार डालना साबित करता है कि बीजेपी का डीएनए ही किसान विरोधी है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि देश के 62 करोड़ मेहनतकश किसान और खेत मजदूर से लूट का खुलासा करने के लिए हम सब आपके बीच में उपस्थित हैं। मेहनतकश किसानों से आपदा में 20,000 करोड़ की खाद कीमतों की लूट, बीजेपी सरकार का डीएनए ही किसान विरोधी, मोदी सरकार अन्नदाता से बदला लेने की साजिश बंद करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी सरकार खेती को बर्बाद करने पर तुली है। सही मायनों में मोदी सरकार किसान की दुश्मन साबित हुई है। ऐसा लगता है कि देश के 62करोड़ किसानों- मजदूरों को प्रधानमंत्री मोदी गुलाम बनाने की साजिश कर रहे हैं।

कृषि सेंसस के मुताबिक देश में 14.64 करोड़ किसान हैं, जो लगभग 15.78 करोड़ हेक्टेयर रकबे पर खेती करते हैं। पिछले 6.5 साल में मोदी सरकार ने खेती उत्पाद में इस्तेमाल की जाने वाली हर चीज़ की कीमत बढ़ाकर किसान पर पहले ही 15,000 रुपया प्रति हैक्टेयर सालाना का बोझ डाल रखा है।


महामारी की आड़ में डीएपी सहित अन्य खाद की कीमत बढ़ाकर एक बार फिर किसान-मजदूर की कमर तोड़ने का घिनौना काम किया है। तीन काले कानून बना खेती को बेचने की साजिश, डीज़ल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि, खेती पर टैक्स, किसान की कर्जमाफी के नाम पर पीठ दिखाकर भाग खड़ा होना, फसल बीमा योजना के नाम पर लूट और अब खाद की कीमतें बढ़ा 20,000 करोड़ सालाना का अतिरिक्त भार डालना साबित करता है कि बीजेपी का डीएनए ही किसान विरोधी है।

1. DAP (Di Ammonium Phosphate) खाद के 50 किलो के बैग की कीमत मोदी सरकार ने रातों रात 1200 रु. प्रति बैग से बढ़ाकर 1900 रु. प्रति बैग कर डाली है। 700 रु. प्रति डीएपी बैग की कीमत में बढ़ोत्तरी किसान की कमर तोड़ देगी। यह 73 साल में कभी नहीं हुआ।

साल 2020-21 में, 93 लाख मीट्रिक टन DAP (डीएपी) की खपत होगी। यानि केवल एक साल में 700 रु. प्रति DAP Bag की बढ़ोत्तरी से देश के किसान पर ₹13,020 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

जब एक महीना पहले बढ़ोत्तरी की खबर आई, तो झूठी भाजपा सरकार के मंत्रियों ने इसे नकार दिया। और अब चोर दरवाजे से कीमत बढ़ा दी।

किसान विरोधी मोदी सरकार की नीति केवल इसी बात से साबित होती है कि 2014 में जब यूपीए कांग्रेस की सरकार गई, तो DAP खाद के एक बैग की कीमत ₹1,075 थी, जो अब बढ़कर ₹1,900 प्रति बैग हो गई है, यानि 6 साल में दोगुनी कीमत।

2. यही नहीं, NPKS (नाईट्रोज़न, फॉस्फोरस, व सल्फर) की खाद की कीमतें भी अनाप शनाप बढ़ा दी हैं। NPKS की 10:26:26 की (रेशीओ) Ratio वाले 50 किलो के खाद बैग की कीमत 1175 रु. से बढ़ाकर 1775 रु. कर दी गई है।

इसके साथ साथ कॉम्प्लैक्स फर्टिलाईज़र जिनकी (रेशीओ) Ratio 20:20:0:13 थी, उसकी कीमत 925 रु. प्रति बैग से बढ़ाकर 1350 कर दी गई है। 12:32:16वाले खाद बैग की कीमत 1185 रु. से बढ़ाकर 1800 रु. कर दी गई है।

3. पोटाश खाद के 50 किलो के बैग की कीमत ₹450 प्रति बैग 92014 UPA Congress Government) से बढ़कर आज ₹825 प्रति बैंग हो गई है, यानि कि लगभग दोगुनी कीमत बढ़ाई।

सुपर खाद के 50 किलो के बैग की कीमत भी साल 2014 में यूपीए-कांग्रेस कार्यकाल की ₹260 प्रति बैग से बढ़कर और ₹340 प्रति बैग हो गई है।

4. खेती पर टैक्स लगाने वाली पहली सरकार है मोदी सरकार। खाद पर 5%GST लगाया। पेस्टिसाईड्स पर 18% GST लगाया। एग्रीकल्चर ईक्विपमेंट पर 12% से 18% GST लगाया।

5. किसान के ईंधन - डीज़ल पर मोदी सरकार ने ₹28.37 प्रति लीटर अतिरिक्त एक्साईज़ ड्यूटी लगा दी।

अकेले पिछले एक साल में मोदी सरकार ने डीज़ल की कीमत 21.22 रु. बढ़ा दी। 4 मई, 2020 को डीज़ल की कीमत 62.29 रु. प्रति लीटर थी, जो आज बढ़कर 83.51 रु. प्रति लीटर हो गई है। पिछले 6.5 साल में डीज़ल पर एक्साईज़ ड्यूटी 820 प्रतिशत बढ़ाई गई है।

6. PM फसल बीमा योजना से प्राईवेट बीमा कंपनियों को 6.5 साल में ₹26,000 करोड़ का मुनाफा किया।

7. फरवरी, 2015 में मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर कहा कि किसान को लागत+50% कभी नहीं दिया जा सकता, जबकि यही कहकर सत्ता सम्हाली थी।

8. कर्ज माफी के नाम पर किसान से मुंह मोड़ लिया। बड़ी बड़ी कंपनियों के तो ₹7,77,800 करोड़ के लोन माफ कर दिए, पर किसान को फूटी कौड़ी भी कर्जमाफी नहीं दी।

हमारी मांग है कि किसान से यह लूट बंद हो और बढ़ी हुई खाद की कीमतें वापस ली जाएं

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Published: 19 May 2021, 4:56 PM