महाराष्ट्र-हरियाणा चुनाव नतीजों को कांग्रेस ने बताया बीजेपी की नैतिक हार, कहा- ये तो बस शुरुआत

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणाम पर आनंद शर्मा ने कहा कि बीजेपी भले ही इन नतीजों को अहंकार में अपनी जीत मान रही हो, लेकिन असल में यह उसकी हार है। अगर बीजेपी अध्यक्ष को लगता है कि यह उनकी जीत है तो उन्हें अपनी जीत के मायने बदलने पड़ेंगे।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि हम जनादेश को सम्मान और विनम्रता से स्वीकार करते हैं और इस बात को भी कहना चाहते हैं कि बीजेपी की नैतिक हार हुई है।

उन्होंने आगे कहा, “चुनाव के दौरान बीजेपी ने भ्रामक प्रचार किया, शासनतंत्र का दुरुपयोग किया।” आनंद शर्मा ने आगे कहा, “हमारे कृषि के क्षेत्र में एक भारी संकट है, हमारी अर्थव्यवस्था चरमरा रही है, बेरोजगारी तेजी से बढ़ रही है, बाजार और रुपया टूट रहा है, ये असली मुद्दे थे। इन मुद्दों पर पीएम मोदी, बीजेपी के नेतृत्व और बीजेपी के मुख्यमंत्रियों ने कोई बात नहीं की। चाहे वो देवेन्द्र फड़णवीस हों, चाहे वो मनोहर लाल खट्टर हों।”

उन्होंने लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के बीच प्रदर्शन को लेकर कहा कि हरियाणा के चुनाव नतीजों में बीजेपी का 22 फीसदी वोट गिरा है। गुजरात में जिसको दल बदल कराकर ले गए, उसकी हार हुई है।

उन्होंने आगे कहा, “बीजेपी का आज कोई जश्न मनाने का दिन नहीं है। हमें मालूम है कि वो अहंकार में और प्रचार में इतना बह गए थे कि उस पर अंकुश लगाने में समय लगेगा, पर ये भारत के मतदाता की परिपक्वता है, उनकी बुद्धिमता है, उनकी ईमानदारी है कि उन्होंने देश के प्रजातंत्र की आवश्यकता को समझते हुए, जो संतुलन पूरी तरह से बिगड़ रहा था, राजनैतिक और उसी तरह राजनैतिक संवाद का संतुलन, उसको कहीं बराबर लाने की कोशिश की है।”

उन्होंने आगे कहा, “उम्मीद करते हैं कि पीएम मोदी अब अपनी जिम्मेवारी की तरफ सोचेंगे, वो अर्थव्यवस्था की तरफ देखेंगे, बेरोजगारी की तरफ देखेंगे, गरीब के बारे में और किसान के बारे में सोचेंगे, क्योंकि सबकुछ हो गया है।”

एग्जिट पोल के बारे में आनंद शर्मा ने कहा, “जो एग्जिट पोल में दिखाया गया, वह गलत साबित हुआ। महाराष्ट्र में जो चुनाव नतीजे आए हैं, चार महीने पहले जो परिणाम आया है, उसका उलटा हुआ है। कोई राज्य ऐसा नहीं है, जहां उपचुनाव हुए हैं वहां उनकी हार हुई है। हम उम्मीद करते हैं प्रधानमंत्री जी से कि वो गरीब किसान और जनता पर ध्यान दें।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर लोकसभा चुनाव से तुलना करें तो बीजेपी के पास 52 प्रतिशत वोट था और कांग्रेस के पास 32 प्रतिशत वोट था। विधानसभा क्षेत्रों पर बीजेपी और शिवसेना की 224 सीटों पर बढ़ थी। दावा था 240 का लेकिन आई सिर्फ 154 हैं। ये पिछले चार महीने का फर्क है।”

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